
जमशेदपुर : जमशेदपुर के टाटा स्टील परिसर में मंगलवार को ठेकेदार उमेश पांडेय द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में नया मोड़ आ गया है. बुधवार को जिला परिषद सदस्य किशोर यादव के नेतृत्व में मृतक के भाई लक्ष्मीदत्त पांडेय औऱ अन्य लोग बिष्टुपुर थाना पहुंचे और कंपनी के अधिकारियों पर भाई को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की लिखित शिकायत की. लक्ष्मीदत्त ने पुलिस को बताया कि भाई उमेश बीते 20 सालों से टाटा स्टील में रजिस्टर्ड ठेकेदार के रुप में कार्य कर रहा था.
विगत 6 माह से टाटा स्टील एकाउंट डिपार्टमेंट और कांट्रेक्ट डिविजन, टीएससीआई, कोक ओवन, एलडी वन और अन्य विभागो के वरीय पदाधिकारियों द्वारा समय पर बिल पास नहीं किया जा रहा था. वे लोग बार-बार काम में दिक्कत कर रहे थे. इस बीच लाइम प्लांट के चीफ एवं हेड द्वारा कंटेनर खरीदने का भी दबाव दिया जा रहा था. भाई उमेश पर काफी कर्ज हो चुका था. जिसके चलते वह काफी दबाव में था.
इसकी जानकारी वह साक्षा भी किया करता था. अंत में दबाव से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली. इधर घटना के बाद भतीजा जो कि एसएसजी कंपनी में कार्यरत है, को बुलाकर कंपनी के पदाधिकारियों ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया गया. उन्होने दोषियों पर कार्यवाई की मांग की है. ज्ञात हो कि मंगलवार को कंपनी परिसर में ठेकेदार उमेश पांडेय ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई थी. पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था. इस मामले में मृतक के भतीजे गोरखनाथ पांडेय के बयान पर आस्वभाविक मौत का मामला दर्ज कराया गया था.






