जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट के सारे प्लांट के कैंटीन में ठेका और स्थायी कर्मचारियों को एक साथ ही खाना परोसा जा रहा है. इसको लेकर गहरी नाराजगी कर्मचारियों में देखी जा रही है. स्थायी कर्मचारियों का कहना है कि उनको खाने के लिए लंबी लाइन लगना पड़ रहा है. इसको लेकर सेंट्रल कैंटीन मैनेजमेंट कमेटी (सीसीएमसी) के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन नितेश राज के खिलाफ आवाज बुलंद की है. टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज को कमेटी मेंबरों और कर्मचारियों ने घेरा है और कहा है कि ऐसी व्यवस्था के कारण उनको कैंटीन में खाना मुश्किल हो गया है. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं, कैंटीन में अब शनिवार को मिलने वाली खिचड़ी को भी बंद कर दिया है, जिससे यह नाराजगी दोगुना हो गया है. कर्मचारियों और कमेटी मेंबरों ने कैंटीन के हालात की तस्वीर और वीडियो अपने टाटा वर्कर्स यूनियन के वाट्सएप ग्रुप पर साझा क जानकारी दी है. एक कमेटी मेंबर ने बैटरी 10 व 11 के ट्राली कैंटीन में लगी लंबी कतार की तस्वीर साझा की है. इसको लेकर सीसीएमसी के पदाधिकारी को घेरा है. वहीं, फ्लैट प्रोडक्ट कैंटीन में सुबह 8.45 बजे ठेका कर्मचारियों की लंबी लगी कतार की तस्वीर साझा किया गया है. कमेटी मेंबरों ने सीसीएमसी के पदाधिकारी नितेश राज पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे इस मसले पर कोई सकारात्मक बातचीत करें. इसके अलावा कैंटीन का रेट का रिवीजन करने और सुविधा में कटौती करने की भी आवाज उठायी गयी है. इसको लेकर कर्मचारियों में गुस्सा है. (नीचे भी पढ़ें)

टाटा स्टील में पिछले दिनों ही तय किया गया था कि नया रेट लागू किया जायेगा. लेकिन यह तय किया गया था कि खाने की क्वालिटी बेहतर होगी और सुविधाएं भी बढ़ेगी. लेकिन इस बीच स्थायी और ठेका मजदूरों को एक साथ खाने के लिए कैंटीन में व्यवस्था कर दी गयी. पहले दोनों स्तर के कर्मचारियों का अलग अलग कैंटीन था. लेकिन अब दोनों ही स्तर के कर्मचारियों को एक साथ कैंटीन में खाना दिया जा रहा है. चूंकि, कैंटीन में सुविधाएं और बैठने और परोसने का इंतजाम पुराना ही है, इस कारण वहां स्थायी कर्मचारियों को खाना और नाश्ता मिलने में दिक्कत हो रही है. ठेका मजदूरों की संख्या काफी अधिक है, जिस कारण यह स्थिति हो गयी है. ठेका मजदूरों की लाइन लंबी हो जा रही है और स्थायी कर्मचारी कहीं दब जा रहे है.



