जमशेदपुर : टाटा स्टील ने ओडिशा सरकार के खिलाफ ओडिशा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर किया है. ओडिशा सरकार द्वारा 1902,72,53,760 रुपये (1902.72 करोड़ रुपये) का डिमांड नोटिस टाटा स्टील को दिया गया है, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में केस दायर किया गया है. गौरतलब है कि टाटा स्टील लिमिटेड को 4 जुलाई को ओडिशा के जाजपुर में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस कार्यालय से एक डिमांड लेटर भेजा गया था. यह नोटिस कंपनी के सुकिंदा क्रोमाइट ब्लॉक से खनिजों की कम डिस्पैच के संबंध में भेजा गया है. यह मामला माइन डेवलपमेंट व प्रोडक्शन एग्रीमेंट के चौथे साल (23 जुलाई 2023 से 22 जुलाई 2024) से जुड़ा हुआ है.(नीचे भी पढे)
नोटिस में मिनरल्स कंसेशन रुल्स 2016 के नियम 12ए के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. इसके साथ ही परफार्मेंस सिक्योरिटी को जब्त करने की बात भी कही गयी है. डिमांड लेटर में कहा गया है कि सुकिंदा क्रोमाइट ब्लॉक से एमडीपीए के तहत तय मात्रा में खनिजों को डिस्पैच नहीं हुआ. इसके आधार पर राज्य सरकार ने 1902.72 करोड़ रुपये का दावा किया है. बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसइ) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसइ) को टाटा स्टील ने यह जानकारी साझा की है और बताया है कि ओडिशा सरकार के खिलाफ यह केस दायर किया गया है, जिसमें ओडिशा सरकार, भारत सरकार के माइंस विभाग, ओडिशा के डायरेक्टर ऑफ माइंस और ओडिशा के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस को पार्टी बनाया है.











