
कंपनी का उत्पादन एक नजर में :
आइटम—वित्तीय वर्ष 2019-2020 (1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक)—वित्तीय वर्ष 2018-2019 (1 अप्रैल 2018-31 मार्च 2019 तक)—–वित्तीय वर्ष 2019-2020 चौथा तिमाही (1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2020)—–वित्तीय वर्ष 2018-2019 (1 जनवरी 2019 से 31 मार्च 2019 तक)
टाटा स्टील इंडिया—18.21 मिलियन टन–16.81 मिलियन टन–4.74 मिलियन टन—4.48 मिलियन टन
टाटा स्टील यूरोप—10.18 मिलियन टन–10.30 मिलियन टन—-2.56 मिलियन टन–2.73 मिलियन टन
टाटा स्टील साउथ इस्ट एसिया—2.17 मिलियन टन—–2.09 मिलियन टन—-0.54 मिलियन टन—0.51 मिलियन टन
टाटा स्टील का बिक्री एक नजर में :
आइटम—वित्तीय वर्ष 2019-2020 (1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक)–वित्तीय वर्ष 2018-2019 (1 अप्रैल 2018-31 मार्च 2019 तक)——–वित्तीय वर्ष 2019-2020 चौथा तिमाही (1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2020)—–वित्तीय वर्ष 2018-2019 (1 जनवरी 2019 से 31 मार्च 2019 तक)
टाटा स्टील इंडिया–16.97 मिलियन टन–16.26 मिलियन टन–4.03 मिलियन टन–4.72 मिलियन टन
टाटा स्टील यूरोप—9.27 मिलियन टन—9.64 मिलियन टन–2.37 मिलियन टन–2.57 मिलियन टन
टाटा स्टील साउथ इस्ट एसिया—-2.41 मिलियन टन–2.41 मिलियन टन–0.60 मिलियन टन—–0.59 मिलियन टन

जमशेदपुर : देश की अग्रणी स्टील निर्माता कंपनी टाटा स्टील ने कोरोना वायरस के खौफ और चुनौतियों के बीच वित्तीय वर्ष 2019-2020 का प्रोडक्शन (उत्पादन) और सेल्स (बिक्री) का परिणाम जारी किकया है. इस परिणाम के तहत बीते वित्तीय वर्ष 2018-2019 के वनस्पत वित्तीय वर्ष 2019-2020 में 8 फीसदी ज्यादा प्रोडक्शन हुआ है. टाटा स्टील के भूषण स्टील और टाटा स्टील के उषा मार्टिन के अधिग्रहण के बाद यह स्थिति बनी है. यह अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन है. इसी तरह सेल्स में भी बढ़ोत्तरी हुई है. कंपनी की ओर से जारी प्रेस रिलीज के ममुताबिक, सेल्स में करीब 8 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. टाटा स्टील की ओर से तेल और गैस के पाइपलाइन के उत्पादन में सपलता हासिल की है. ऑटोमोटिव व स्पेशल प्रोडक्शन पर भी कंपनी ने काफी फोकस किया है, जिसके कारण वित्तीय वर्ष 2019-2020 में जहां ऐसे उत्पादों की बिक्री 25 फीसदी हुई जबकि वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 19.5 फीसदी की बिक्री हुई है. भारत और राज्य सरकार के आदेशों के मुताबिक, खनन का कार्य को टाटा स्टील ने सामान्य बनाये रखा. कोरोना वायरस का लॉकडाउन वित्तीय वर्ष की समाप्ति के अंतिम माह यानी 25 मार्च 2020 से शुरु हुई थी, जिस कारण कम संसाधनों के बीच बेहतर प्रोडक्शन को बनाये रखने में टाटा स्टील ने कामयाबी पायी है. टाटा स्टील के भारत के अलावा यूरोप में भी बेहतर प्रोडक्शन और सेल्स रहा है. यूके और नीदरलैंड जैसे देशों में भी इसका डिमांड हुआ है और करीब 70 फीसदी कंपनी ने प्रोडक्शन और सेल्स को बनाये रखने में कामयाबी हासिल की है. टाटा स्टील ने कहा है कि इस आपात स्थिति में टाटा स्टील के लिए सबसे पहली प्राथमिकता कामगारों के स्वास्थ्य और सेफ्टी है. वैसे कंपनी कैश और लिक्विडिटी (नगदी) को बनाये और बचाने की जुगत में लगा हुआ है. सामान्य स्थिति बहाल करने के बाद कंपनी में बेहतर तरीके से काम हो सके, जिसके लिए नगदी को बचाये रखना जरूरी है और इस दिशा में कारगर कदम उठाये जा रहे है.






