
जमशेदपुर : टाटा स्टील के मुख्य गेट में कर्मचारियों के लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारियों के डयूटी पर जाने और बाहर निकलने के समय में बदलाव कर दिया है. गेट पर लगने वाली भीड़ को लेकर यह कदम उठाया गया है. इस मुद्दे को लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने मैनेजमेंट के समक्ष उठाया था, जिसके बाद इसका सरकुलर मंगलवार को जारी कर दिया गया. वैसे इस मुद्दे को टाटा वर्कर्स यूनियन के विपक्ष के नेता और कोक प्लांट से कद्दावर कमेटी मेंबर आरसी झा ने प्रमुखता से उठाते हुए अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु को लेटर भी लिखा था. टाटा स्टील के वीपी शेयर्ड सर्विसेज प्रोबल घोष की ओर से सरकुलर जारी किया गया है. इसके तहत यह भी बताया गया है कि सारे गेट पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक संयुक्त कमेटी काम कर रही है, ताकि गेट को सुरक्षित बनाया जा सके. 10 दिसंबर से मुख्य तौर पर जेनरल शिफ्ट के कर्मचारियों का समय बदला गया है. अभी इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल के एरिया और फील्ड मेंटेनेंस के कर्मचारियों का समय बदला गया है. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो निश्चित तौर पर और भी बदलाव किये जायेंगे. दो भागों में कर्मचारियों की इंट्री को बांट दिया गया है, जो जेनरल शिफ्ट में आते है. इसके तहत आयरन मेकिंग एंड एफएम-आइएम के जेनरल शिफ्ट के कर्मचारियों को अब सुबह 7.30 बजे ड्यूटी जाना होगा और शाम को 4.30 बजे ड्यूटी से छुट्टी हो जायेगी. इसी तरह स्टील मेकिंग व एफएम-एसएम के कर्मचारियों की ड्यूटी 8 बजे सुबह से शाम 5 बजे तक चलेगी. इसके अलावा मिल्स एंड एफएम मिल्स के कर्मचारियों को सुबह 8.30 बजे ड्यूटी जाना है और शाम को 5.30 बजे निकलना है. इन कर्मचारियों के अलावा टाटा स्टील के शेयर्ड सर्विसेज के अन्य सारे सेक्शन के कर्मचारियों को सामान्य तौर पर जेनरल शिफ्ट की ड्यूटी सुबह 8 बजे से शाम पांच बजे तक ही चलेगी. शेयर्ड सर्विसेज के अलावा टाटा स्टील के सारे विभागों में कामकाज और ड्यूटी का समय जैसे चलता था, वैसे ही चलता रहेगा. दरअसल, टाटा स्टील के जेनरल शिफ्ट की ड्यूटी के दौरान ही सबसे ज्यादा भीड़ लगता है, जिसको देखते हुए यह कदम उठाया गया है. शेयर्ड सर्विसेज में ही सबसे ज्यादा कर्मचारी है, जो जेनरल शिफ्ट में आते है, जबकि ऑपरेशन में शिफ्ट में काम होता है, जिस कारण यह कदम उठाया गया है.





