जमशेदपुर : टाटा स्टील में कर्मचारियों की गाड़ियों की इंट्री को रोक दी जायेगी. इसको रोकने को लेकर कवायद शुरू हो चुकी है. योजना अगर धरातल पर उतरा तो 2023 से गाड़ियों की इंट्री कंपनी में पूरी तरह रोक दी जायेगी. इसको लेकर रणनीति बनायी गयी है. इसकी अनौपचारिक जानकारी टाटा वर्कर्स यूनियन को दी गयी है. इसका एक प्रेजेंटेशन भी यूनियन को दिखाया गया है कि किस तरह लगातार टाटा स्टील में गाड़ियों की संख्या बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और किस तरह इसको कम किया जा सकता है. इससे पहले कंपनी में दोपहिया और चारपहिया के साथ बड़ी गाड़ियों के परिचालन के समय में बदलाव किया गया है. सबका टाइमिंग तय कर दिया गया है. लेकिन हाल के दिनों में यह अध्ययन किया गया है कि इससे भी परेशानी का हल नहीं हो पाया है. ऐसे में कांट्रैक्टर्स के कर्मचारियों को रोका जायेगा. उनको बाहर ही गाड़ियां लगाने को कहा गया है. वहीं, स्थायी कर्मचारियों की गाड़ी की इंट्री को भी अब रोक दिया जायेगा. इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है. इसको लेकर तय किया जा रहा है कि टाटा स्टील के सारे गेट के सामने ही गाड़ियों की पार्किंग का इंतजाम कर दिया जाये. हाल के दिनों में खाली होने वाले सारे बिल्डिंग को हटाकर वहां पार्किंग कराकर वहां से बस में कर्मचारियों की इंट्री करायी जा सके. इसको लेकर कर्मचारियों की पंचिंग कैसे होगी, इसका भी अध्ययन किया जा रहा है. टाटा स्टील के एमडी ऑनलाइन में खुद टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन यह बोल चुके है कि देश और दुनिया में टाटा स्टील का जमशेदपुर प्लांट ही ऐसा है, जहां कर्मचारियों की गाड़ी भी अंदर जाती है, जो खतरनाक है. इसमें बदलाव की जरूरत है. यूनियन को भी यह बता दिया गया है कि कालांतर में गाड़ियों की इंट्री को रोकी जायेगी.






