जमशेदपुर : टाटा स्टील के बोनस समझौता करने के बाद टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु समेत तमाम पदाधिकारियों का जोरदार स्वागत किया. ढोल नगाड़ा और आतिशबाजी के बीच बड़े माला के साथ अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महासचिव सतीश सिंह समेत तमाम पदाधिकारियों का कमेटी मेंबरों और कर्मचारियों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया. इस दौरान उनके पक्ष में नारेबाजी भी की गयी. वहीं, इस बोनस समझौता का हर किसी ने तारीफ की है. झरिया डिवीजन के यूनियन अध्यक्ष संतोष महतो ने कहा कि घाटे के बावजूद 30 करोड़ 30 लाख रुपये दिलाना बड़ी बात है. यह ऐतिहासिक बोनस समझौता है. इससे मैनेजमेंट और यूनियन दोनों को काफी बेहतर हुआ है. यह बहुत बढ़िया समझौता है. वहीं नोवामुंडी माइंस यूनियन के महामंत्री संजय दास ने कहा कि बोनस समझौता काफी बढ़िया हुआ है. घाटे के बावजूद यूनियन ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. ऐसे समय में फिर से अतिरिक्त 30 करोड़ 30 लाख रुपये जोड़ना बहुत बड़ा बात है. इससे बेहतर समझौता नहीं हो सकता था. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं, कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने कहा है कि आज जमशेदपुर के लिए स्वर्णिम दिन रहा. बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि टाटा स्टील का बोनस समझौता सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ है. यह समझौता टाटा स्टील के ग्लोबल सीइओ टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु के दूर दृष्टि, सकारात्मक सोच ,कर्मचारियों की कठिन मेहनत, समर्पण और कंपनी के साथ उनकी निष्ठा का प्रमाण है बोनस समझौता. श्री नरेंद्रन ने इस वर्ष कम मुनाफा और विपरीत परिस्थिति के बावजूद सिर्फ़ मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोनस समझोता किया. यह समझौता न केवल कंपनी और कर्मचारियों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करता है, बल्कि आने वाले समय में एक उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर होने का मार्ग भी प्रशस्त करता है. साथ ही, टाटा स्टील परिवार के सभी सदस्यों से यह विनम्र अपील है कि वे अपने बोनस का सदुपयोग करते हुए अधिक से अधिक भारतीय समान मेरा अभिमान और ‘स्वदेशी उत्पादों’ को अपनाएं. इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी. इस बोनस को केवल एक आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान का अवसर बनाएं.



