जमशेदपुर : ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने टाटा स्टील स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (टीएसएसइजेडएल) द्वारा विकसित गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क (जीआइपी) में पांच नई औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी. यह कार्यक्रम ओडिशा के गंजाम ज़िले में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि, टीएसएसईजेडएल के अधिकारी और जीआईपी में पहले से कार्यरत उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. (नीचे भी पढ़े)
इसके तहत जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनमें एचएचपी फाइव (हायजेनको) के ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया उत्पादन, निवेश राशि 4,000 करोड़ रुपये, ओसिओर एनर्जी के ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया उत्पादन, निवेश राशि 7,200 करोड़ रुपये, सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज़ के सोलर सेल एवं मॉड्यूल निर्माण, निवेश राशि 3,000 करोड़ रुपये, वर्ल्ड ग्रीन एनर्जी के तहत सोलर सेल एवं मॉड्यूल निर्माण, निवेश राशि 2,500 करोड़ रुपये और सुपरफॉर्म केमिस्ट्रीज (यूपीएल): विशेष रसायनों का निर्माण, निवेश राशि 4,001 करोड़ रुपये शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि, गंजाम ने औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बेहतर आधारभूत संरचना, प्रमुख बंदरगाह की उपस्थिति और कुशल मानव संसाधन के कारण निवेशक इस ज़िले में अपने उद्योग स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने आगे कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन, रसायन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में हो रहे निवेश के साथ, गंजाम औद्योगिक क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने जा रहा है. इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें वाणिज्य एवं परिवहन, इस्पात एवं खनन मंत्री बिभूति भूषण जेना, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री गोकुलानंद मलिक, उद्योग एवं कौशल विकास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र स्वैन और टाटा स्टील स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मणिकांत नायक शामिल थे. टाटा स्टील स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (टीएसएसइजेडएल) के मैनेजिंग डायरेक्टर मणिकांत नायक ने कहा कि इन पांच परियोजनाओं की आधारशिला गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क के विकास में एक महत्वपूर्ण चरण है. (नीचे भी पढ़े)
यह जीआइपी में विकसित किए गए अनुकूल औद्योगिक वातावरण को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहित करना है. हमारी टीम की निरंतर मेहनत, उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारी और ओडिशा सरकार का निरंतर सहयोग इस उपलब्धि में अहम रहा है. गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क में निर्मित ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया का उपयोग मुख्य रूप से निर्यात के लिए किया जाएगा. इस विस्तार के साथ जीआइपी में ग्रीन हाइड्रोजन व अमोनिया उद्योगों की कुल संख्या चार हो गई है, जिससे यह देश के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन हब्स में से एक के रूप में स्थापित हो गया है. सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण क्षेत्र में, सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज़ 4.80 गीगावॉट की एकीकृत सेल और 4.00 गीगावॉट की मॉड्यूल निर्माण सुविधा स्थापित करने जा रही है, जबकि वर्ल्ड ग्रीन एनर्जी 2.00 गीगावॉट की सेल और 1.20 गीगावॉट की मॉड्यूल निर्माण इकाई विकसित करेगी.



