जमशेदपुर : टाटा स्टील समूह से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों और इससे जुड़ी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को जमशेदपुर के यूनाइटेड क्लब में भारत सरकार की ओर से लागू किये गये चार नये लेबर कोड पर गंभीर विचार मंथन किया. इस मौके पर मैनेजमेंट व यूनियन के काफी दिग्गज मौजूद थे. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कारपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामम मौजूद रहे जबकि विशिष्ट अतिथि पर टाटा स्टील के रॉ मैटेरियर के सीएचआरओ राजेश चिंतक मौजूद थे. इस कार्यक्रम का संयोजन टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष डॉ शहनवाज आलम ने किया. इस मौके पर डॉ शहनवाज आलम की ओर से चार लेबर कोड पर लिखी गयी पुस्तक का विमोचन भी डीबी सुंदर रामम ने किया. इस दौरान मुख्य वक्ता के तौर पर भारत सरकार के पूर्व चीफ लेबर कमीश्नर और वर्तमान में सरकार के श्रम मामलों के सलाहकार ओंकार शर्मा ने संबोधित किया और तमाम जानकारी साझा की कैसे कैसे लेबर कोड को लागू किया जा सकता है. इसके गुण और दोष के बारे में भी बताया गया. (नीचे भी पढ़ें)

इस दौरान मैनेजमेंट और यूनियन के पदाधिकारियों ने अलग अलग लेबर कोड की बारीकियों से स्टडी किया और कैसे इसको लागू किया जा सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा की. कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम ने कहा कि यह खुशी की बात है कि भारत सरकार के नये लेबर कोड को लेकर मैनेजमेंट और यूनियन के अधिकारी साथ मंथ़न कर रहे है. टाटा स्टील हमेशा से कानून का पालन करने वाली कंपनी के रुप में जाना जाता रहा है और ला एबाइडिंग कंपनी होने के कारण इसकी बड़ी साख दुनिया में भी है. इस साख के तहत ही इस लेबर कोड को भी कंपनी आत्मसात करेगी. इस मौके पर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, टाटा स्टील यूआइएसएल यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय, विभिन्न यूनियन और झारखंड इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, जेसीएपीसीपीएल यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, टाटा वर्कर्स यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट समेत अन्य यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद थे. इस कार्यक्रम की शुरुआत माइकल जॉन सेंटर के निदेसक जयदेव उपाध्याय के आकस्मिक निधन पर शोक जताने के साथ शुरू हुई.



