
जमशेदपुर : टाटा स्टील कंपनी परिसर में घायल मिली मजदूर लक्ष्मी सोरेन की मौत के 60 घंटे बीत जाने के बाद भी उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है. इस मामले को लेकर शुक्रवार को झामुमो के केंद्रीय महासचिव महावीर मुर्मू के नेतृत्व में लक्ष्मी के परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे और एसएसपी के नाम एक ज्ञापन सौंपा. आवेदन के माध्यम से मृतका के पिता मेघनाथ सोरेन ने कहा है कि 15 फरवरी को कंपनी परिसर ने उनकी बेटी घायल मिली थी. उसे टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. बावजूद इसके 16 फ़रवरी को टीएमएच के सुरक्षा पदाधिकारी रतन कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई. उनका कहना था कि जब घटना कंपनी परिसर के अंदर हुई तो मामला किसी अधिकारी के बयान पर होना चाहिए था. इसमें थाना प्रभारी की भूमिका भी संदिग्ध है. उन्होंने आरोप लगाया कि 17 फ़रवरी को जब उनका पुत्र और उसके दामाद प्राथमिकी दर्ज कराने थाना पहुंचे तो उन्हें एफआईआर हो जाने की जानकारी देते हुए वापस भेज दिया गया. मामला दर्ज करने से लेकर अनुसंधान में भी साजिश दिखाई दे रही है. इस ज्ञापन की प्रति डीजीपी, आईजी और डीआईजी(कोल्हान) को भी भेजी गई है. इस मौके पर सुनील महतो, शेख बदरुद्दीन, पार्षद चंद्रवती महतो, प्रमोद लाल, योगेंद्र कुमार निराला, पप्पु उपाध्याय, धीरेन मार्डी, प्रीतम हेम्ब्रम, विक्रम बेसरा, समेत कई नेता मौजूद थे.
मांग पूरी होने के बाद होगा पोस्टमार्टम
टाटा स्टील परिसर में मृत लक्ष्मी सोरेन मूल रूप से गालूडीह के किशरपुर गांव की रहने वाली थी. एमजीएम थाना अंतर्गत मुखियाडांगा में रहकर वह टाटा स्टील कंपनी में ठेका मजदूरी करती थी. 15 फरवरी को उसके सहकर्मी व प्रेमी बादल हांसदा ने जानलेवा हमला कर उसे जख्मी कर दिया था. इलाज के क्रम में उसकी टीएमएच में मृत्यु हो गई. मृतका के पिता मेघनाथ सोरन ने बिष्टुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी. इसमें टाटा स्टील कंपनी प्रबंधन, ठेका कंपनी के प्रोप्राइटर भीम सिंह मुंडा और बादल हांसदा को आरोपी बनाया गया था. परिजनों ने 25 लाख रुपए मुआवजा और एक परिवार के सदस्य को कंपनी में स्थाई नौकरी देने की मांग रखी है. मांगे पूरी होने के बाद ही उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. फिलहाल शव को टीएमएच के शव गृह में रखा गया है.





