
जमशेदपुर : टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने मंगलवार को एमडी ऑनलाइन में कर्मचारियों और अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया. अपने लोकप्रिय कार्यक्रम एमडी ऑनलाइन के दौरान कर्मचारी और अधिकारी खुलकर अपनी बातों को सीधे एमडी के समक्ष रख सकते है. इस दौरान मंगलवार को एमडी ने कंपनी के वित्तीय स्थिति और उत्पादन की स्थिति से कर्मचारियों को अवगत कराया. इसके बाद टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट, भूषण स्टील, कलिंगानगर प्लांट समेत तमाम स्थानों से अधिकारियों ने अपनी प्लांट की स्थिति से अवगत कराया. इस दौरान सवाल जवाब हुआ, जिसका जवाब एमडी ने दिया. इस दौरान टाटा स्टील के ट्यूब बारीडीह (जमशेदपुर) के पीछे के रास्ते में लाइट की व्यवस्था करने के लिए आभार जताया गया. कंपनी के हॉट स्ट्रिप मिल (एचएसएम) के कर्मचारी संजीव ओझा ने कहा कि वहां काफी असुरक्षित लोग महसूस करते थे, लेकिन लाइट लग जाने से आने जाने वाले को काफी आराम हो गया है.
टीएमएच में जल्द शुरू होगी डेंटल इंप्लांट की सुविधा
टाटा स्टील के एमइडी के मेंटेनेंस सेक्शन के एमबी सिंह ने टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में डेंटल इंप्लांट की सुविधा कब से शुरू होगी, इसका जवाब मांगा. इस पर एमडी के निर्देश पर टाटा स्टील मेडिकल सर्विसेज के जीएम डॉ सुधीर राय ने कहा कि वे लोग प्रयासरत है कि जल्द से जल्द यह सुविधा शुरू हो जाये. इसके लिए जरूरी सीवीसीडी की व्यवस्था नहीं हो पायी है. उससे दांत का गहराई तक क्या डैमेज हुआ है, वह देखा जा सकता है. उसकी व्यवस्था होने के साथ ही इसको शुरू कर दिया जायेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए डेंटल लैब को भी विकसित किया जाना होगा. इसके तहत कुछ काम को आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से कराया जाना है.
कदमा केएफ4 फ्लैट खतरनाक हालत में, तत्काल दुरुस्त कराये
टाटा स्टील के एलडी वन के कर्मचारी अमरुजमां ने जमशेदपुर के कदमा बीएच एरिया स्थित केएफ 4 फ्लैट के हालत के बारे में एमडी के समक्ष उठाया. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस फ्लैट के लोकेशन की वजह से लोग इस फ्लैट से रिटायर होकर ही निकलते है, लेकिन इस बिल्डिंग की हालत बहुत खराब है. चारो तरफ से छज्जा गिर रहा है. बालकोनी खराब है, लोग बालकोनी में जाने से डरते है. इसकी मरम्मत करा दी जाये नहीं तो बड़ी दुर्घटना घट सकती है. इसके अलावा फ्लैट में कुछ समय में नशेड़ियों का अड्डा लग जाता है. चोरों का भी आना जाना होता है. यहीं वजह है कि बाइक की भी चोरी होती है. पानी का मीटर भी चुरा लिया गया था. इस कारण इसकी व्यवस्था ठीक की जानी चाहिए. फ्लैट के बाहर निकलते ही बेल्डीह तालाब की ओर से गाड़ियां स्पीड से आती है, जिस कारण सड़क हादसा का डर होता है. सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने की जरूरत है. इसके अलावा कुछ स्थानों पर चाहरदिवारी को भी तोड़ दिया गया है, जिससे असुविधाएं हो रही है. इस पर एमडी ने कहा कि चीफ एडमिनिस्ट्रेशन रितुराज सिन्हा मामले को देखेंगे. स्पीड ब्रेकर की जरूरत होगी तो उसको बनाया जायेगा. फ्लैट को सुरक्षित बनाने के लिए दौरा टीम करेगी. इसके अलावा चाहरदिवारी को कुछ कर्मचारी ही अपनी सुविधा के लिए तोड़ देते है. इस कारण ऐसे लोगों को रोकना होगा. एमडी ने कर्मचारियों से पुलिस को भी जानकारी देने को कहा और कहा कि इस मामले में कंपनी भी हस्तक्षेप करेगी.
आरएंडडी को लेकर कंपनी को निवेश बढ़ाने की जरूरत
टाटा स्टील के मार्केटिंग एंड सेल्स नवीन कुमार सोनी ने यहां एमडी को कहा कि आरएंडडी यानी रिसर्च और डेवलपमेंट में कंपनी का खर्च को बढ़ाने की जरूरत है. एक साल पहले ही वे यानी नवीन कुमार सोनी टाटा स्टील में योगदान दिये है. एक साल में उन्होंने अध्ययन में पाया कि आरएंडडी में टाटा स्टील का बजट काफी कम है. इसकारण इसकी बजट को बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि जापान और जर्मनी के तकनीक को ही हम लोग सिर्फ फॉलो करते है. ऑटो इंडस्ट्रीज में हाईएंड स्टील की जरूरत होती है, जिसकी आपूर्ति भारत में कम होता है और अब भी भारत विदेशों पर निर्भर है. इस कारण आरएंडडी पर कंपनी को बजट बढ़ाने की जरूरत है. एमडी ने कहा कि इस मसले पर आरएंडडी के चीफ देवाशीष भट्टाचार्जी उनसे बात कर लेंगे. लेकिन एमडी ने इस बात का खंडन किया कि टाटा स्टील आरएंडडी पर खर्च कम करती है. एमडी ने बताया कि आरएंडडी पर ज्यादा राशि खर्च की गयी है, लेकिन अगर कंपनी की क्षमता के विकास के आधार पर प्रतिशत के आधार पर अगर बात किया जायेगा तो यह कम जरूर लगेगा, लेकिन राशि काफी ज्यादा खर्च की जा रही है. टाटा स्टील का टर्नओवर सात से आठ साल में बढ़ा है, जिसका अनुपात देखा जायेगा तो कम दिखेगा, लेकिन राशि काफी ज्यादा बढ़ायी गयी है. उन्होंने बताया कि ऑटो इंडस्ट्रीज की जहां तक बात है तो उसका हाईएंड स्टील टाटा स्टील बनाती है और बढ़िया क्वालिटी भी बनता है. आरएंडडी पर काम होना चाहिए, वह आगे भी होगा.





