जमशेदपुर : टाटा समूह में एक साथ साथ कंपनियों के समायोजन के बाद छह कंपनियों का वजूद समाप्त हो जायेगा और इन सारी कंपनियों का समायोजन होकर नयी कंपनी बन जायेगी. इसके टाटा स्टील की कंपनी टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट, दी टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया, टाटा मेटालिक्स, टीआरएफ, इंडियन स्टील एंड वायर प्रोडक्टस (तार कंपनी), टाटा स्टील माइनिंग और एसएंडटी माइनिंग कंपनी शामिल हैं, जिसका समायोजन विभिन्न कंपनियों में होना है. हालांकि, हाल ही में ओड़िशा सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त उपक्रम एनआइएनएल का भी अधिग्रहण कंपनी ने किया है. (नीचे भी पढ़ें)
इस कारण उसका भी समायोजन करने की योजना है, लेकिन टाटा स्टील कानून से बंधी हुई है, जिस कारण इसका समायोजन नहीं हो पा रहा है. इसके अलावा अंगुली एनर्जी का भी समायोजन होना है. सितंबर 2022 में इसकी छह कंपनियों में विलय करने का प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. योजना के मुताबिक, 2023-2024 में सारे समायोजन को पूर्ण कर लिया जाना है. टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने खुद यह बातें कहीं है. कंपनी के भीतर अधिक तालमेल करने और लागत को घटाने के लिए विलय किया जा रहा है.




