
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अनुषंगी कंपनी टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड को सीआइआइ आइटीसी सस्टेनेबिलिटी अवार्ड दिया गया है. खनन के क्षेत्र में कंपनी द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जैवविविधता के संरक्षण को लेकर उठाये गये कदम को देखते हुए यह अवार्ड दिया गया है. माइंस के सीनियर जेनरल मैनेजर सुशांत कुमार मिश्रा ने यह अवार्ड भारत सरकार के उद्योग मंत्री राव इंदरजीत सिंह से ग्रहण किया. वर्चुअल माध्यम से यह अवार्ड प्रदान किया गया. इस मौके पर कंपनी के एमडी पंकज सतीजा समेत अन्य लोग मौजूद थे. टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड ने वर्ष 2030 तक के लिए बायोडाइवर्सिटी (जैवविविधता) के संरक्षण के लिए कार्य योजना तैयार की है, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है. इसके तहत गैर परंपरागत ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना, रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल सारे ठोक अपशिष्ट का करने की योजना इसमें शामिल है. टाटा स्टील का मानना है कि सिर्फ एक ही योजना है, जो इस धरती को बचा सकती है, इसका कोई प्लान बी नहीं है. व्यवसाय के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कंपनी की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है. इस अवार्ड पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड के एमडी पंकज सतीजा ने कहा कि टाटा स्टील माइनिंग कंपनी हरित कल को लेकर ज्यादातर कदम उठा रहे है. इससे सबको लाभ होगा. टाटा स्टील इसको लेकर लगातार काम कर रही है और बायो डाइवर्सिटी को लेकर लगातार काम कर रही है और अपनी सारी क्षमता को कंपनी के उत्पादन के साथ ही जैवविविधता के संरक्षण पर भी कंपनी काम कर रही है.



