
जमशेदपुर : टाटा स्टील में एक बार फिर से फोरमैनशिप का नया ट्रेनिंग प्रोग्राम ”प्रगति” की शुरुआत हो गयी. ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम के बाद इसका उदघाटन किया गया. इसका उदघाटन टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने संयुक्त रुप से किया. इस दौरान यूनियन के महासचिव सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय, ट्रेनिंग के ज्वाइंट कमेटी के सदस्य शहनवाज आलम समेत अन्य हिस्सों ने लिया. इस दौरान टाटा स्टील के एसएनटीआइ के चीफ प्रकाश सिंह ने सारी जानकारी पूरे कार्यक्रम के दौरान दिया. इस दौरान वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने प्रगति कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इससे काफी आगे कर्मचारी बढ़ सकेंगे. इससे कर्मचारियों का उत्थान होगा. वैसे अभी सिर्फ कर्मचारियों और सुपरवाइजरों को यह ट्रेनिंग करने के बाद सर्टिफिकेट मिलेगा. वैसे यह बताया गया कि सारे सुपरवाइजरों को इस ट्रेनिंग से गुजरना होगा. इसके सर्टिफिकेशन कोर्स पूरा करने वाले को आइएल-6 स्तर का अधिकारी बनने में यह सर्टिफिकेट काफी मदद करेगा, लेकिन उनको किसी तरह का कोई इंक्रीमेंट और प्रोमोशन नहीं मिलेगा. यूनियन को मंगलवार को इंक्रीमेंट और प्रोमोशन का मुद्दा उठाने का स्थान मिला था, लेकिन इसको किसी ने नहीं उठाया. वैसे जब पहले फोरमैनशिप ट्रेनिंग कर्मचारियों या सुपरवाइजरों के लिए कराया जाता था तो सबको यह ट्रेनिंग करने के बाद प्रोमोशन मिलता था या इंक्रीमेंट मिलता था, जिसके लिए सारे सुपरवाइजर और कर्मचारी इसको लेकर काफी आगे बढ़कर भाग लेते थे, लेकिन आज इसमें ऐसी कोई बात नहीं है.
क्या है यह प्रगति कोर्स :
टाटा स्टील में वर्ष 2007 से फोरमैनशिप ट्रेनिंग बंद था. इसको नये अवतार में मंगलवार को शुरू किया गया है. इसका नाम प्रगति दिया गया है, जो फ्रंटलाइन लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम का नाम दिया गया है. टीएमडीसी के माध्यम से इसकी ट्रेनिंग दी जायेगी. सभी मॉड्यूल के कर्मचारियों का 12 ऑनलाइन सेशन के जरिये ट्रेनिंग कराया जायेगा. कोई भी संवर्ग के कर्मचारी इसके लिए अपना आवेदन दे सकते है. इसके तहत टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट, सीआरएम बारा और ट्यूब डिवीजन के कर्मचारी अपना आवेदन दे सकते है. एनएस-7 व उससे ऊपर के नये ग्रेड के कर्मचारी अपना आवेदन दे सकते है जबकि स्टील वेज के कर्मचारी भी इसके लिए अपना आवेदन दे सकते है. इस कोर्स के करने से लीडरशिप क्षमता बढ़ेगा और सर्टिफिकेट मिलेगा, जिसके जरिये कर्मचारी अपने आपको अधिकारी बनाने के लायक बना सकेंगे.





