जमशेदपुर : टाटा स्टील ने चालू वित्तीय वर्ष के नौमाही वित्तीय रिजल्ट जारी कर दिया है. वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में कर के भुगतान बाद (पैट) समेकित लाभ 6,509 करोड़ रुपये रहा. टाटा स्टील ने कंपनी ने कुल लॉस 2501.95 करोड़ रुपये दिखाया है. कंपनी की ओर से किये गये फाइलिंग में बताया गया है कि इसी अवधि में कंपनी को पिछले साल 9598.16 करोड़ रुपये का नेट प्रोफिट हुआ था. कंपनी का कुल आमदनी अक्तूबर से दिसंबर माह कीतिमाही में 60842.72 करोड़ रुपये से घटकर 57354.16 करोड़ रुपये रह गयी है. कंपनी की ओर से जारी किये गये एक्सचेंज के फाइलिंग में बताया गया है कि कंपनी का खर्च भी बढ़ गया है. पहले 57172.02 करोड़ रुपये खर्च हुआ है जबकि पिछले साल 48,666.02 करोड़ रुपये था. टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने बताया कि टाटा स्टील ने अस्थिर ऑपरेटिंग वातावरण के बावजूद भारत के वॉल्यूम में लगातार वृद्धि दर्ज की है. वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में घरेलू डिलीवरी लगभग 13.7 मिलियन टन रही और इसमें 4% की वृद्धि हुई. अधिकांश श्रेणियों में व्यापक आधार वाली वृद्धि देखी गई. तिमाही के लिए, घरेलू डिलीवरी में 11 फीसदी की वृद्धि हुई और भारत की स्पष्ट स्टील खपत की तुलना में तेज गति से बढ़ी, जिससे चुने हुए सेगमेंट में बाजार की स्थिति को बनाए रखने में मदद मिली. श्री नरेंद्र ने कहा कि कच्चा इस्पात उत्पादन भारत में पहली बार तीसरे तिमाही में 5 मिलियन टन तक पहुंच गया. नीलाचल इस्पात निगम के सीमित संचालन के साथ कंपनी का यह मुनाफा हुआ है. कंपनी ने तिमाही के दौरान कैपेक्स पर 3,632 करोड़ रुपए खर्च किए. कलिंगानगर में 6 एमटीपीए पेलेट प्लांट का चरणबद्ध कमीशनिंग शुरू हो गया है.(नीचे भी पढ़े)
2.2 मिलियन टन कोल्ड रोल मिल कॉम्प्लेक्स और 5 मिलियन टन प्रति वर्ष विस्तार पर काम चल रहा है. पंजाब में, 0.75 एमटीपीए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस ो तैयार करने के लिए काम शुरू हो गया है. जो उत्सर्जन को कम करने की टाटा स्टील की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) ने परिचालन शुरू कर दिया है और इसे लगभग 1 मिलियन टन प्रति वर्ष की रेटेड क्षमता तक बढ़ाया जा रहा है. टाटा टिस्कॉन सरिया एनआइएनएल बिलेट्स से बनाए जा रहे हैं. टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि वर्तमान में टाटा स्टील कलिंगनगर, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और पंजाब में लुधियाना में इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस और भारत भर में अपने डाउनस्ट्रीम संयंत्रों में कई साइटों पर अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं. कंपनी कई रास्तों के माध्यम से 2045 तक शुद्ध शून्य हासिल करने के लिए अपनी स्थिरता यात्रा पर प्रगति करना जारी रखते हैं. टाटा स्टील के सीएफओ और कार्यकारी निदेशक कौशिक चटर्जी ने कहा कि टाटा स्टील भारत में क्षमता वृद्धि में निवेश करना जारी रखेगी.(नीचे भी पढ़े)
इस तिमाही के लिए पूंजीगत व्यय 3,632 करोड़ रुपये और वर्ष के लिए 9,746 करोड़ रुपये है. टाटा स्टील का शुद्ध ऋण मोटे तौर पर 71,706 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा है और कैश फ्लो की स्थिति मजबूत बनी हुई है. उन्होंने कहा कि कंपनी की देनदारियों पर अपने बीमा कवरेज को 30 फीसदी से 60 फीसदी तक विस्तारित करके ब्रिटिश स्टील पेंशन योजना को समाप्त करने की दिशा में और प्रगति की है. बाजार की स्थितियों के आधार पर, 40 फीसदी देनदारियों का अवशिष्ट बीमा कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही में पूरा हो जाएगा और इसके अनुरूप गैर-नकद आस्थगित कर व्यय होगा. नकदी प्रवाह को अधिकतम करने के लिए लागत अनुकूलन, परिचालन सुधार और कार्यशील पूंजी प्रबंधन पर केंद्रित बने हुए हैं और सात सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध संस्थाओं के प्रस्तावित विलय पर प्रगति कर रहे हैं.



