जमशेदपुर : टाटा स्टील के वेज रिवीजन समझौता को लेकर चल रहे उथल पुथल और अंतिम दौर की वार्ता के बीच एनएस ग्रेड के कई कमेटी मेंबरों को मैनेजमेंट के स्तर पर बुलाया गया है. उनको कंपनी के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप लगाया गया और उनको ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी गयी. बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार कंपनी के चल रहे वार्ता के बीच कमेटी मेंबर दबाव बना रहे थे. पदाधिकारियों का विरोध कर रहे थे. एनएस ग्रेड के कमेटी मेंबरों ने तो टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबर के पद से अपना सामूहिक इस्तीफा भी दे दिया था. सामूहिक इस्तीफा की खबर के बाद मैनेजमेंट हरकत में आयी. (नीचे भी पढ़े)
इस बीच वेज रिवीजन समझौता में एनएस ग्रेड के कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में यूनियन के पदाधिकारियों पर सबकी निगाहें है. वैसे पदाधिकारी, जो एनएस ग्रेड से चुनाव जीते है, उन पर सारा दारोमदार है. अब सारे एनएस ग्रेड के कर्मचारी अब यूनियन उपाध्यक्ष संजीव तिवारी और सहायक सचिव श्याम बाबू पर भरोसा जता रहे है. उनको उम्मीद है कि अगर एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के हित में फैसला नहीं होता है तो वे लोग या तो अपने पद से इस्तीफा देंगे या फिर समझौता पर हस्ताक्षर नही करेंगे. ऐसा पहले के पदाधिकारियों ने विरोध किया है. जब जुस्को का गठन हो रहा था तो तत्कालीन पदाधिकारी बीके डिंडा समेत कई पदाधिकारी ने समझौता पर हस्ताक्षर नहीं किया था. वहीं, आइबी पर प्वाइंट को लेकर होने वाले समझौता में भी बीके डिंडा और एसके सिंह ने समझौता पर हस्ताक्षर नहीं किया था.







