
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के एचएसएम के कमेटी मेंबर अभिनंदन सिंह ने यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज पर जोरदार हमला बोला है. श्री सिंह ने कहा है कि चार कार्यकाल से कमेटी मेंबर रहे नितेश हर बार सत्ता की चाटुकारिता करके मनपसंद सीट बनवा कर ही अपने क्षेत्र से चुनाव जीत पाते हैं, पिछले चुनाव में पूर्व अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय का पैर पकड़कर उनके समर्थित प्रत्याशी को बैठाया और निर्विरोध होते ही बाबा को भी गरियाने का इनका रूप सबों ने देखा है, “ऐसा कोई सगा नहीं जिनको इन्होंने ठगा नहीं” कहावत इन पर एकदम सटीक बैठती है. यूनियन में कर्मचारी हित से तो इनका कोई लेना देना है नहीं, अलबत्ता वर्तमान अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के विशेष कृपा पात्र बनकर यूथ इंटक और समाज सेवा के नाम पर यूनियन का जबरदस्त दोहन इनके द्वारा किया गया. ताजा उदाहरण कोविड महामारी के काल में सीएसआर के नाम पर स्वयं और अपने घनिष्ठ डिप्टी प्रेसिडेंट के सहयोग से यूनियन कोष से पचास लाख रुपए गबन करने की इनकी मनसा सभी कमेटी मेंबर भलीभांति जानते हैं, जिसमें मजदूरों की गाढ़ी कमाई से जमा यूनियन फंड को हम सबों ने जबरदस्त विरोध करके बचाया है. इनका इतिहास रहा है कि ये पूर्व अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय को दरकिनार करके पीएन सिंह का झंडा ढोए, फिर उन्हें भी अपशब्द कहते हुए आर रवि प्रसाद के साथ हो लिए, लेकिन उसके बाद भी यह वही व्यक्ति हैं जिनके द्वारा खुद अरविंद पांडे के साथ मिलकर निबंधित पुत्रों को एक बड़ी रकम देकर वर्तमान अध्यक्ष का घेराव करवाया गया, जिसका निबंधित पुत्रों के बयान पर मामला बिष्टुपुर थाना के रिकॉर्ड में आज भी दर्ज है. अभिनंदन ने कहा है कि आज यूनियन के गलियारे में नचनिया के नाम से प्रसिद्ध इनके पिछले सप्ताह का कारनामा सभी के सामने मौजूद है कि कैसे इन्होंने शैलेश भैया को सरेआम अखबारों में घोर बेज्जती की और फिर दो दिन बाद ही फिर से उनका पैर पकड़कर उनको ठगा और अरविंद पांडेय को अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित करवाने में प्रमुख भूमिका निभाई. यह भी गौरतलब हो कि उन्होंने कहा था कि “अगर मेडिकल एक्सटेंशन बंद होता है तो मैं धरना दूंगा” और इतना ही नहीं इस बड़बोले पदाधिकारी ने वेज रिवीजन के पहले यूनियन कॉन्फ्रेंस रूम में एनएस के सहकर्मियों को वादा किया था कि “अगर उनका डीए पर पॉइंट नहीं बढ़ा तो अपना हाथ कटवा लूंगा” पर अपने आदत से मजबूर यह आज भी मजदूर वर्ग को सिर्फ और सिर्फ ठगने का काम कर रहे हैं. अखबार में सुर्खियां बटोरने में माहिर नितेश राज के लिए “बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया” ही सफलता का मूल मंत्र है, जिसे आज हम सभी कर्मचारी बखूबी समझ रहे हैं और इस चुनाव में इनको इसका बखूबी जवाब दिया जाएगा.
दूसरी ओर, अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके अरुण सिंह ने www.sharpbharat.com को अपनी बातों को स्पष्ट किया है. श्री सिंह ने कहा है कि वे टॉप थ्री में चुनाव लड़ेंगे, यह तय है. इसमें यू टर्न का कोई मसला नहीं है. वे चुनाव में कैसे लड़ेंगे, इसको लेकर वे अपने साथियों के साथ मीटिंग कर तय करेंगे. इसमें कोई फैसले में बदलाव की बात नहीं है. उन्होंने कहा है कि वे अपने स्टैंड पर कायम है.





