जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन में हुए हंगामा के बाद यूनियन में राजनीति तेज हो गयी है. इसको लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. इस मामले को लेकर कमेटी मेंबरों ने अपनी अपनी बातों को रखा है.(नीचे भी पढ़े)
ग्रेड रिवीजन का बचाव नहीं, उसकी खामियों पर सवाल उठाने गए थे : विमल कुमार
टाटा वर्कर्स यूनियन की कमिटी मीटिंग में हुए घटनाक्रम पर कमिटी मेंबर विमल कुमार ने कहा कि हम ग्रेड रिवीजन का बचाव करने नहीं, बल्कि उसकी खामियों और कर्मचारियों के हितों से जुड़े सवाल उठाने गए थे, लेकिन अपनी बात पूरी रखने का अवसर नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि 11 ऑफिस बियररों की सामूहिक जिम्मेदारी है और टॉप 3 नेतृत्व की जवाबदेही सबसे अधिक है. ग्रेड रिवीजन के दस्तावेज के प्रत्येक पन्ने पर महामंत्री का हस्ताक्षर होता है. दो ग्रेड रिवीजन में हस्ताक्षर कर खुद समझौते का हिस्सा बनने के बाद उसी समझौते की जिम्मेदारी से पीछे हटना समझ से परे है. उन्होंने कहा कि पहले भी कॉमन ग्रेड स्ट्रक्चर के समय ऐसा ही हुआ था. उस समय 11 में से 7 ऑफिस बेयरर्स एसोसिएट कल्चर के थे और कर्मचारियों को बताया गया था कि ब्लॉक जंप का लाभ मिलेगा, लेकिन वास्तविक क्रियान्वयन में उसका लाभ नहीं मिला. विमल कुमार ने कहा कि जब समझौते से पहले कर्मचारियों को कुछ बताया जाता है और लागू होने पर परिणाम कुछ और होता है, तो सवाल पूछना हमारा अधिकार है. हम जैसे छोटे कमिटी मेंबर कर्मचारियों को फेस करते हैं और उनकी बातें सुनते हैं, तो हमारी आवाज को नजरअंदाज क्यों किया जाए?उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकार, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है.(नीचे भी पढ़े)
कमेटी मीटिंग में हंगामा शर्मनाक : आरसी झा
टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष आरसी झा ने कहा कि टाटा वर्कर्स यूनियन की कमिटी मीटिंग में जो घटना हुई वो काफी शर्मनाक है. संगठन की बैठक में वाद विवाद होना स्वास्थ्य लोकतंत्र का प्रमाण है लेकिन गाली गलौज और हाथापाई को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता है. बैठक में यह स्पष्ट हो गया कि वेज समझौता के दौरान सभी 11 पदाधिकारियों में सहमति थी, परन्तु इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई भी तैयार नहीं है. यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे सभी कमिटी मेम्बर और कर्मचारी अपने को छला हुआ महसूस कर रहे हैं.(नीचे भी पढ़े)
बिमल कुमार, विभाष ने माहौल बिगाड़ा : मारुति
टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबर और भाजपा के मंडल अध्यक्ष मारुतिनंदन पांडेय ने कहा कि कमिटी मीटिंग में प्रारंभ होने से पहले मजदूर के विरुद्ध में हुए इंक्रीमेंट लॉस और इन्क्रीमेंट डेट को लेकर शिवेश वर्मा ने कहा कि पहले मजदूर हित का बात कीजिए उसके बाद कुछ और मीटिंग होगा. इसको लेकर विमल कुमार ने विरोध किया और उसके साथ विभाष शुक्ला अध्यक्ष के फेवर में विरोध करने लगा. तब हमने विरोध किया और कहा कि पहले मजदूर हित का बात करें उसके बाद कुछ और होगा लेकिन विभाष शुक्ला, विमल कुमार, अमनदीप और विवेक भारद्वाज अध्यक्ष के फेवर में आकर पूरा दादागिरी करने लगे और यहां तक बोल दिए कि यह मेरा बाप का यूनियन है. मारूति नंदन पांडेय ने कहा कि यह यह सभी का यूनियन है और मजदूर हित में बात करो, लेकिन इस तरह खास वर्ग के ये लोग ऐसे करने लगे जैसे मुझे इस तरह का प्रतीत होने लगा, मजदूर को अहित करने के बाद भी अध्यक्ष का फेवर कर रहे हैं और यह यूनियन उन्हीं खास लोगों का है. यह शर्म की बात है. इस तरह का नहीं होना चाहिए ये लोग कभी भी मजदूर हित में बात नहीं कर सकते. ऐसे लोगों को अब मजदूर ही जवाब देंगे और इस बात को लेकर मैं बिष्टुपुर थाना प्रभारी को भी फोन किया, लेकिन मुझे ऐसा लगा की इससे यूनियन और मैनेजमेंट की बदनामी होगी, इसलिए मैं आगे की कार्रवाई नहीं किया, लेकिन मैं हमेशा मजदूर हित के लिए और मजदूर के हक के लिए आवाज उठाता रहूंगा.




