जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष संजय सिंह के आइबी, कॉस्ट कण्ट्रोल और वेज रिवीजन से सम्बंधित जानकारी साझा करने से सम्बंधित प्रस्तावित यूनियन पदाधिकारियों की बैठक को उन्ही के डिपार्टमेंट के पूर्व कमिटी कमिटी मेंबर और एनएस ग्रेड के नेता समरेश सिंह ने ढकोसला और अख़बार के जरिये सस्ती लोकप्रियता करार दिया है. उन्होंने बताया कि उपाध्यक्ष संजय सिंह कुछ दिनों पूर्व पिलेट प्लांट आये थे, जहां कर्मचारियों ने एलटीसी, आइबी और वेज रिवीजन, एमनेटिस, वर्क लोड, वर्तमान में हो रहें टीएसटीएस में बहाली, ऑपरेशन सेक्शन का अब तक आरओ ना होना, ऑपरेशन मे बड़े पैमाने पर शिफ्ट सफलिंग के बाद एक्टिंग अल्लोवन्स का ना मिल पाना आदि को लेकर तीखे सवाल किया और जोरदार ढंग से घेर लिया. इसके उपरांत संजय सिंह ने चुप्पी साध ली. (नीचे भी पढ़ें)
उनसे पूछा गया कि सिंगापुर और पुणे में क्या क्या समझौता हुआ जिस पर वो टाल मटोल करने लगे. समरेश सिंह ने आगे बोला कि उपाध्यक्ष संजय सिंह पूरे प्लांट में घूम घूमकर बोल रहें है कि अध्यक्ष की कृपा से वो इस बार टॉप थ्री में लड़ेंगे तो फिर अचानक दिखावे वाले मीटिंग की क्या जरुरत पड़ गयी. पिछले 5 वर्षो के कार्यकाल में उनकी क्या उपलब्धि रही है. उन्हें अब तक अपनी जिम्मेदारियों का एहसास क्यों नहीं हुआ. आगामी चुनाव में डिपार्टमेंट में ही अपनी लुटिया डूबते देख बतौर यूनियन पदाधिकारी वो अपने जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते है. डिपार्टमेंट और उनके ऑपरेशन सेक्शन में उनके अनुपलब्धता के कारण जो सुविधाओ और कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है आने वाले चुनाव में उन्हें इसकी क़ीमत जरूर चुकानी पड़ेगी.



