
जमशेदपुर : जमशेदपुर के टाटानगर स्टेशन में शनिवार को सकेंड इंट्री गेट और पैदल ब्रिज का सांसद विद्युत वरण महतो ने विधिवत उद्धाटन कर उसे यात्रियों को सौंप दिया है. इस सकेंड इंट्री गेट से मानगो, साकची, टेल्को, गोलमुरी और बर्मामाइंस जैसे इलाकों से आने वाले यात्रियों को सुविधा होगी. इस मौके पर सासंद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पुर्वी विधायक सरयू राय, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, चक्रधरपुर डीआरएम विजय कुमार साहू और चेंबर अध्यक्ष विजय आनंद मुनका मौजूद रहे. इस समारोह के दौरान जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी नाराज दिखे. उनका कहना था कि देश को आजाद हुए 73 साल हो चुके है. आज जो काम हुआ है वह आजादी के बाद ही हो जाना चाहिए था. इसके अलावा उन्होने रेलवे को निशाना साधते हुए कहा कि आज जो सांसद रेलवे से गरीब नवाज कॉलोनी से पार्वती घात तक सड़क निर्माण के लिए रेलवे से एनओसी की बात कह रहे है उसके लिए वे छह माह पहले ही रेलवे को पत्र लिख चुके है पर अब तक रेलवे ने एनओसी नहीं दिया है. वहीं दुसरी ओर पिगमेंट गेट से लेकर प्रदीप मिश्रा चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए भी रेलवे से एनओसी मांगी गई है पर अब तक रेलवे ने एनओसी नहीं दी है जिससे सड़क का चौड़ीकरण नहीं हो पा रहा है. सड़क चौड़ीकरण से इस रास्ते से होकर आने जाने वालों के लिए आसानी हो जाएगी. उन्होने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने राशि भी आवंटित कर दी है, बस रेलवे के एनओसी का इंतजार है. साथ ही सकेंड इंट्री गेट के गौलचक्कर में उन्होने रेलवे के डीआरएम को पत्र लिखकर शहीद किशन दुबे की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव दिया था पर रेलवे ने उसे भी स्वीकार नहीं किया. थोड़ी देर तक स्टेशन परिसर में रहने के बाद विधायक मंगल कालिंदी वहां से नाराज होकर चले गए. (नीचे देखे सरयू राय का क्या है बयान)

सरयू राय ने किया विरोध, रेलवे को कहीं खरी-खोटी
इधर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय भी इस उद्घाटन समारोह से नाखुश दिखे. उन्होने कहा कि यह उद्घाटन समारोह कुप्रबंध से भरा था और शालीनता रहित था. उन्हे लगा ही नहीं कि यह भारत सरकार के एक शीर्ष उपक्रम का कार्यक्रम है. कार्यक्रम का आयोजन न केवल कुप्रबंध से भरा था बल्कि आमंत्रित अतिथियों के लिये अपमानजनक भी था. उन्होने कहा कि रेलवे स्टेशन का दूसरा प्रवेश द्वार उनके विधानसभा क्षेत्र की ओर खुलता है और वहाँ से निकलनेवाला फुट ओवर ब्रिज जुगसलाई विधायक मंगल कालिन्दी के क्षेत्र तक जाता है. दोनों विधायकों को लिखित आमंत्रण देकर रेल अधिकारियों ने बुलाया था परंतु समारोह की व्यवस्था से लगा कि रेल अधिकारियों को केवल माननीय सांसद महोदय की ही चिंता है. विधायकों का कोई महत्व उनकी नज़र में नहीं है. स्थानीय विधायकों को बुलाकर उन्होंने केवल औपचारिकता का निर्वाह किया है. लगा कि हमें उन्होंने केवल पुष्प गुच्छ और शाल स्वीकार करने के लिये बुलाया था. उन्होने कहा कि सकेंड इंट्री गेट से उसके क्षेत्र के लोगों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा, जन सुविधाओं के आभाव के बारे में वे कुछ मांग ना कर दे इसलिए उन्हे कार्यक्रम में बोलने का मौका भी नहीं दिया गया. मंच से उतर कर उद्घाटन स्थल तक जाने के लिये भी उन्होंने ऐसा कोई प्रबंध नहीं किया था ताकि हम आमंत्रित अतिथि भी वहाँ तक निर्विघ्न पहुँच सकें. उन्हें केवल सांसद महोदय को ही उनके कार्यकर्ताओं के साथ उद्घाटन स्थल तक सुरक्षित पहुँचाने की चिंता थी.




