
जमशेदपुर : चीनी सेना से झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना में शामिल एलबीएसएम कॉलेज के पूर्व छात्र व एनसीसी कैडेट गणेश हांसदा को कॉलेज में श्रद्धांजलि दी गयी। इस मौके पर एनसीसी इंचार्ज कैप्टन डॉ आर के चौधरी ने बताया कि बहरागोड़ा के कोषाकालिया गांव निवासी गणेश हांसदा ने वर्ष 2015 में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर इस महाविद्यालय में आईएससी में नामांकन के साथ चार अगस्त को एनसीसी ज्वाइन किया था। उनकी दृढ़ इच्छा थी भारतीय सेना में जाकर देश की रक्षा करना। निरंतर अपनी मेहनत के कारण एनसीसी में कम ही दिनों में अपनी पहचान बना ली थी। एनसीसी की ‘बी’ प्रमाण पत्र परीक्षा 2017 में उत्तीर्ण करने के बाद 2018 के सितंबर में रांची के मोरहाबादी मैदान में इंडियन आर्मी की बहाली हुई तो उसमें गणेश हांसदा चयन 16 बिहार रेजिमेंट के जीडी पोस्ट के लिए हुआ। दानापुर में ट्रेनिंग लेने के बाद उसकी पहली पोस्टिंग अक्टूबर 2019 में लद्दाख के गलवान घाटी में हुई। साथ ही उन्होंने बताया कि उनके शहीद होने से पूरा एनसीसी परिवार मर्माहत है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ अमर सिंह ने कहा कि वीर शहीद गणेश हांसदा ने एलबीएसएम कालेज को गौरवान्वित किया है। उन्होंने उनके सम्मान में उनकी तस्वीर अपने प्राचार्य कक्ष में भी लगवायी, ताकि सदैव राष्ट्र के नाम उनके बलिदान को याद किया जा सके। इस मौके पर पूर्व कैडेट अनिल मार्डी, उत्पल हेम्ब्रम ने भी उनके साथ बिताए सुखद अनुभवों को साझा किया। उसके बाद दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी। इस मौके पर डॉ अजेय वर्मा, प्रो विनय कुमार गुप्ता, प्रो विनोद कुमार, डॉ दीपंजय श्रीवास्तव, डॉ मौसमी पॉल, प्रो. संतोष राम के अलावा शिक्षकेत्तर कर्मचारी, पूर्ववर्ती एवं वरिष्ठ एनसीसी कैडेट मुख्य रूप से उपस्थित थे। श्रद्दांजलि कार्यक्रम के बाद प्राचार्य डॉ अमर सिंह ने एनसीसी अधिकारी कैप्टन डॉ आर के चौधरी, डॉ अजेय वर्मा, प्रो विनय गुप्ता, प्रो विनोद कुमार व कुछ एनसीसी कैडेट के साथ शहीद गणेश हांसदा के गांव जाकर उनके माता-पिता से मिलकर सांत्वना के साथ आर्थिक सहायता भी की।







