
चाईबासा : ओडिशा के अंगुल जिला से पश्चिमी सिंहभूम के 16 मजदूरों को वापस लाया गया है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में फंसे हुए सभी मजदूरों को लाने के लिए जिले से 16 बसें रवाना की गई हैं, जिसमें न सिर्फ पश्चिमी सिंहभूम बल्कि आवश्यकता होने पर पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला जिले के फंसे हुए मजदूरों को भी लाया जाएगा। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला जिलों के श्रम आयुक्त और उपायुक्त से इस संदर्भ में लगातार बातचीत हो रही है। जिले के नोडल पदाधिकारी एजाज अनवर लगातार सभी पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महथा के द्वारा पर्याप्त मात्रा में फोर्स की प्रतिनियुक्ति की गयी है ताकि सुरक्षा के साथ सभी मजदूरों को वापस लाया जा सके। साथ ही लगातार वहां के पदाधिकारियों से वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि कोल्हान के जितने भी फंसे हुए मजदूर हैं उन सभी को छत्तीसगढ़ और ओडिशा से ससमय वापस लाया जा सके। यह बात उपायुक्त अरवा राजकमल ने कही.

उपायुक्त ने कहा कि मेरा यही अनुरोध है कि जो वैसे मजदूर जिनको काम फिर से मिल गया है और जो क्वारंटाइन अवधि समाप्त होने के पश्चात अच्छे से कार्य कर रहे हैं कृपया वैसे व्यक्ति जहां है वहीं बने रहें। वहां काम छोड़कर आने की इच्छा है तो ही आएं। यहां जो भी आ रहे हैं उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको 10 रुपये का 10 किलो चावल देने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया है। इस बस में जाने वाले मजदूरों में से तीन ऐसे हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनको 10 किलो चावल 10 के दाम पर देने की बात बतायी गयी है। रायपुर में भी झारखंड के काफी मजदूर फंसे हुए हैं। उपायुक्त ने बताया कि राज्य के नोडल पदाधिकारी परिवहन सचिव के द्वारा कोल्हान के तीनों जिलों को यह निर्देश दिया गया है कि पर्याप्त संख्या में बसें भेजकर झारखंड के फंसे हुए मजदूरों को रायपुर, छत्तीसगढ़ से वापस लाएं। जिले से 12 बसों का इंतजाम किया जा रहा है। 04-04 की संख्या में बसों को भेजा जाएगा ताकि अन्य जिलों के फंसे हुए मजदूरों को भी ससमय चाईबासा लाया जा सके और अपने जिलों के लिए रवाना किया जा सके।















