
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के द्वारा राज्य की मंत्री सह मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक जोबा मांझी, सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की सांसद गीता कोड़ा तथा क्षेत्र के सभी विधायकों के सहयोग से जिले में 20 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र जो विगत कई वर्षों से या एक दशक से ज्यादा लंबे समय से लंबित हैं उनका जीर्णोद्धार जिले में उपलब्ध विभिन्न मदों से अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करते हुए करवाया जा रहा है। ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र नहीं रहने के कारण जिला प्रशासन को वर्तमान समय में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा एक मुहिम चलाकर ऐसे अधूरे भवनों को जल्द से जल्द पूरा करवाने का कार्य विशेषकर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में किया जा रहा है।*

इस संबंध में जिला उपायुक्त श्री अरवा राजकमल के द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण भवन करीब 10 साल से आवंटन के अभाव में लंबित रह गये थे जिसके कारण सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सांसद एवं संबंधित विधायक से अनुशंसा के आलोक में तथा सहयोग के कारण अभी जिले के विभिन्न मदों से जो अतिरिक्त राशि की आवंटन की आवश्यकता को जिले में ही व्यवस्था करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटगम्हरिया एवं स्वास्थ सेवा से महत्वपूर्ण क्षेत्र छोटानागरा तथा 10-12 बरसों से अधूरे पड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काठभाड़ी एवं जेठेया को तैयार कर रहे हैं।

जिले में बरसों से अधूरे पड़े स्वास्थ्य भवन के निर्माण कार्य की प्रगति पर विस्तृत जानकारी देते हुए उप विकास आयुक्त श्री आदित्य रंजन के द्वारा बताया गया कि जिला प्रशासन एक-एक करके सबसे पहले हाटगम्हरिया सीएचसी तथा जेठेया पीएचसी अभी पूर्ण होने के कगार पर है तथा उसी तर्ज पर छोटा नागरा जो एक सीएचसी है एवं तांतनगर काठभाड़ी पीएचसी भवन जो लगभग 10 वर्षों से अधूरा पड़ा था को पूरा करने के लिए वर्क आर्डर दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि तांतनगर में एक बड़ा सीएचसी है जिसमें अभी मामला चल रहा है जिसमें हम लोगों का प्रयास है कि वहां जिला परिषद के मद से प्रस्तावित डाक बंगला भवन में इस केंद्र को संचालित किया जा सके। इसके अलावा कई स्वास्थ्य केंद्र जिन्हें मरम्मती की आवश्यकता है यथा झींकपानी, कुमारडुंगी, गोइलकेरा, टोंटो आदि का जीर्णोद्धार कार्य या तो पूर्ण हो चुका है या तो जारी है।
पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि जैसा कि इस वर्ष जिले में कायाकल्प पुरस्कार में 9 अवार्ड मिले हैं और आशा है कि अगले वर्ष आते-आते जिले में कम से कम 25 से 30 ऐसे अस्पताल हों जो कायाकल्प के सभी गाइडलाइन पर खरे उतरें और 90 से ज्यादा नंबर लेते हुए अवार्ड के लिए नामित हों।







