
संतोष वर्मा
चाईबासा : कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लॉक डाउन में जिले के कोई व्यक्ति भूखा न रहे. इसलिए सरकार और जिला प्रशासन के द्वारा राशन डीलरों को कार्डधारियों को सरकार द्वारा निर्धारित तय राशन देने को कहा गया है। लेकिन जिला प्रशासन के सख्त निर्देश के बाबजूद राशन डीलरों द्वारा उचित मापदंड के अनुरूप राशन नहीं दिया जाने व राशन का कालाबजारी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिले के कुमारडुंगी प्रखंड क्षेत्र में कोरोना महामारी से बचाव के लिए चल रही लॉकडाउन अवधि में जनवितरण प्रणाली दुकानदारों का कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। लम्बी अवधि वाले लॉकडाउन के बीच एक राशन डीलर ने एक साथ दो माह का राशन बेच दिया है। कार्डधारियो ने इसकी शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी से की है। मामला कुमारडुंगी प्रखंड के अंगारडिहा गांव की है। लॉकडाउन अवधि में कार्डधारियो को तीन माह मार्च, अप्रैल व मई का राशन वितरण करने का डीलर को निर्देश दिया गया था। परंतु अंगारडीहा के जन वितरण प्रणाली दुकानदार मोहन सिंह सिंकू ने एक माह मार्च का राशन वितरण कर अप्रैल व मई माह का कुल 49 क्विंटल 60 किलोग्राम अनाज काला बाजारी कर बेच दिया है। पदाधिकारियो को इस बड़े घोटाले के बारे में भनक भी नहीं पड़ी। बिना जांच पड़ताल किए ही एफसीआई गोदाम से मुफ्त में मिलने वाला दो माह का राशन भी डीलर को दे दिया गया है। राशन मिलने के बाद डीलर अपनी करतूत को छिपाने के लिए मुफ्त वाले राशन को अप्रैल व मई माह का राशन बताकर 23 अप्रैल को वितरण करना शुरू कर दिया। राशन वितरण में डीलर प्रति किलोग्राम एक रुपया पैसा भी ले रहा था। साथ ही कार्डधारीयों के कार्ड में अप्रैल व मई माह का राशन भी चढ़ा रहा था।
इस वितरण में भी डीलर एक माह का राशन देकर कार्ड में दो माह चढ़ा रहा था। नाराज हो कर कार्डधारीयों ने उसी दिन प्रखंड कार्यालय का घेराव किया। बीडीओ को मामले की जानकारी दी। उसके बाद बीडीओ ने एक जांच टीम बनाकर राशन वितरण करवा दिया। अधिकारीयों को अबतक नहीं है अप्रैल व मई माह के राशन घोटाले की खबर कुमारडुंगी प्रखंड के अंगारडिहा जनवितरण प्रणाली दुकानदार मोहन सिंह सिंकु ने दो माह अप्रैल व मई का कुल 49 क्विटल 60 किलोग्राम राशन बेच दिया है। इसके बारे में प्रखंड के किसी भी पदाधिकारी को जानकारी नहीं है। जनवितरण दुकानों के जांच के लिए प्रखंड स्तर में बनाई गई टीम 22 अप्रैल को अंगारडिहा जनवितरण दुकानदार मोहन सिंह सिंकू के पास पहुंची थी। ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिलते ही जनवितरण दुकान का घेराव कर जांच टीम को अप्रैल व मई माह का राशन नहीं देने की शिकायत किया। इस बारे में डीलर से पूछने पर डीलर अपनी बचाव के लिए जांच टीम को भी मुफ्त वितरण करने वाले अनाज को अप्रैल, मई का अनाज बताया दिया। उसके बाद 23 अप्रैल को सारा मुफ्त मिलने वाली राशन कार्डधारियो से पैसा लेकर वितरण कर दिया। कार्ड में भी चढ़ा दिया। ग्रामीण ने बताया की जनवरी माह का राशन भी डीलर ने बेच दिया। बिना चावल दिए ही कार्ड में भी चढ़ा दिया।
- वर्ष 2016 के बाद एक बार भी राशन नहीं दिया है डीलर ने मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है। जब भी राशन बांटता है जाते हैं पर हर बार खाली हाथ वापस आना पड़ता है। -मोंगड़ा देवी, कार्डधारी
- पहले एक बार भी चावल नहीं मिला है। इस बार मार्च महीना में चावल देकर डीलर ने पूरा कार्ड में चढ़ा दिया। डीलर से इसको लेकर झगड़ा भी हुआ। -सीता कुई, कार्डधारी
- नवम्बर 2019 मे गैस कनेक्शन नहीं लिए इसलिए राशन देना भी बंद कर दिया है। कार्ड में 5 लोगों का नाम है पर छह महीने बीत गए चावल का एक दाना नहीं मिला है।-ब्रजमोहन सिंकू, कार्डधारी







