जमशेदपुर:शराची ग्रीन परियोजना के पीड़ित फ्लैट खरीदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपकर बिल्डर के विरुद्ध जांच एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की. खरीदारों का आरोप है कि शराची ग्रीन परियोजना में फ्लैट बुकिंग के समय बिल्डर द्वारा निर्धारित अवधि में फ्लैट का कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था. खरीदारों ने अपनी जीवनभर की बचत, बैंक ऋण, सोसाइटी ऋण तथा अन्य स्रोतों से धन जुटाकर लाखों रुपये का निवेश किया. इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया.(नीचे भी पढ़े)
पीड़ित खरीदारों का कहना है कि परियोजना में लगातार देरी होने के कारण कई लोगों ने अपनी बुकिंग रद्द कर धनवापसी का अनुरोध किया, लेकिन बिल्डर द्वारा राशि वापस नहीं की जा रही है. अनेक ई-मेल, फोन कॉल एवं व्यक्तिगत अनुरोधों के बावजूद केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं. इससे खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान, बैंक ऋण का ब्याज भार तथा मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है.ज्ञापन में शराची ग्रीन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने तथा प्रभावित खरीदारों की शिकायतों पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है. खरीदारों ने कहा कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने अधिकारों की रक्षा हेतु अन्य वैधानिक एवं लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे.ज्ञापन सौंपने वालों में गीता गुप्ता, रतन गुप्ता, आरती पाण्डेय, रितेश पाण्डेय, सुरेश शर्मा, अवधेश कुमार, एमडी अजमल हुसैन सहित अन्य प्रभावित फ्लैट खरीदार शामिल थे.







