रामगोपाल जेना,चक्रधरपुर : पूर्व उपमुखिया स्वर्गीय संजय बोयपाई हत्याकांड को लेकर गुलकेड़ा पंचायत के गुईगांव में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एक महत्वपूर्ण और कड़ा निर्णय लिया है. बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में हत्याकांड के मुख्य आरोपी एवं कथित साजिशकर्ता बीजू चौधरी के परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया. ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि संजय बोयपाई की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. ग्रामीणों ने एकमत से निर्णय लिया कि आरोपी बीजू चौधरी के परिवार को किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक अथवा सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें आमंत्रित किया जाएगा. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति या परिवार ग्रामसभा के इस फैसले की अनदेखी करते हुए बीजू चौधरी के परिवार को किसी सामाजिक कार्यक्रम, विवाह समारोह या अन्य आयोजन में आमंत्रित करता है, तो उसके खिलाफ भी ग्रामसभा द्वारा निर्धारित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. (नीचे भी पढे)
गौरतलब है कि 1 जून 2026 की रात लगभग 12:10 बजे गुईगांव निवासी एवं पूर्व उपमुखिया संजय बोयपाई अपने घर के आंगन में सो रहे थे. इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. घटना के बाद चक्रधरपुर थाना में मामला दर्ज किया गया था.मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 4 जून को छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी बीजू चौधरी और मृतक संजय बोयपाई के बीच जमीन संबंधी विवाद और पुरानी रंजिश थी. इसी विवाद के चलते बीजू चौधरी ने अन्य आरोपियों की मदद से कथित रूप से हत्या की साजिश रची थी. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.ग्रामसभा के इस फैसले को क्षेत्र में अपराध और आपराधिक प्रवृत्तियों के खिलाफ सामाजिक एकजुटता के रूप में देखा जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि समाज में शांति, सौहार्द और कानून के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए ऐसे कदम आवश्यक हैं.







