चक्रधरपुर:शहीद निर्मल महतो कुड़मि भवन, आसनतलिया में शहीद सुनील महतो की 17वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. 4 मार्च के दिन 2007 में बाघुड़िया में नक्सलियों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. कार्यक्रम की शुरुआत श्याम सुंदर महतो पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष सह समाजसेवी ने शहीद सुनील महतो के चित्र पर माल्यार्पण कर की, तत्पश्चात उपस्थित सभी ने बारी बारी से पुष्पांजलि अर्पित की, उसके बाद दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया.श्यामसुंदर महतो ने कहा कि एक संघर्षशील जुझारू नेता थे, सच्चे मायने में वे गरीबों के मसीहा थे. (नीचे भी पढ़े)

इतने कम समय में ही वे एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में एक अमिट छाप छोड़ी, वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत थे. उनका समाज के प्रतिसमर्पण अतुलनीय था. उनके असामयिक हत्या से झारखंड को अपूरणीय क्षति हुई.इस अवसर पर बुद्धिजीवियों ने भी अपना विचार व्यक्त किए. संकल्प लिया कि उनके दिखाए मार्ग पर चलकर वे जिस प्रकार समाज के प्रति समर्पित थे और जो रास्ता उन्होंने दिखाया उनके क़दमों पर चलकर समाज के लिए त्याग किया जाए . इस अवसर पर समाजसेवी गणेश्वर महतो, ओम प्रकाश महतो, नील कमल महतो , हरि चरण महतो, परशुराम महतो, धीरेन्द्र महतो, लखीन्द्र महतो, रोहित महतो , प्रकाश महतो, विनोद महतो ,संजीत महतो, अजय महतो के अलावे समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.



