रामगोपाल जेना,चक्रधरपुर:चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक टीबी मरीज से दवा के बदले 1500 रुपये लेने का आरोप लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया.जानकारी के अनुसार, होयोहातू पंचायत के पैदमपुर गांव निवासी टीबी मरीज जगमोहन सिजूई से एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा दवा की एक बोतल देने के एवज में 1500 रुपये वसूले गए. घटना के सामने आते ही यह मामला क्षेत्र में तेजी से फैल गया और लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है.मरीज के पुत्र पांडेराम सिजूई ने बताया कि उनका परिवार अत्यंत गरीब है. दवा के लिए मांगे गए पैसे को उन्होंने इधर-उधर से उधार लेकर जुटाया. उनका आरोप है कि पैसा देने के बाद ही दवा उपलब्ध कराई गई.(नीचे भी पढ़े)
ग्रामीणों ने इस मामले की जानकारी झामुमो नेता रामलाल मुंडा को दी. सूचना मिलते ही रामलाल मुंडा अनुमंडल अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने इस संबंध में चाईबासा के सिविल सर्जन एवं चक्रधरपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को भी अवगत कराया. इस मामले पर सिविल सर्जन और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी प्रकार की दवा के लिए पैसे लेना पूरी तरह अवैध है. उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं और स्थानीय लोग दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.



