
चाईबासा : जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा देश के प्रथम पूर्व महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 103वीं जयंती गुरुवार को कांग्रेस भवन में मनाई गई. इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला. वक्ताओं ने विचार रखते हुए कहा कि
बैंकों का राष्ट्रीयकरण, कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण, चीन के मुखर विरोध के बावजूद सिक्किम का भारतीय गणराज्य में विलय, पाकिस्तान के टुकड़े कर बांग्लादेश का निर्माण, कश्मीर मामले का अंतर्राष्ट्रीयकरण रोकने के लिए पाकिस्तान के साथ अपनी शर्तों पर शिमला समझौता, अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम, विश्व भर के विरोध और प्रतिबंधों की धमकी के बावजूद भारत का पहला परमाणु विस्फोट – आज यह सोच कर भी रोमांच हो आता है कि भारत में कोई एक ऐसी प्रधानमंत्री भी हुई थी जिसने देशवासियों को राष्ट्रीय गौरव की इतनी सारी वज़हें दी.
गरीबी हटाओ नारे को बल देने के लिए 20 सूत्री कार्यक्रम की घोषणा उनकी ही देन है. मौजूदा समय में देश की जो हालत है उसमें देश को एकजुट रखने और दुनिया में भारत की ताकत का लोहा मनवाने के लिए इंदिरा गांधी के दिखाए रास्ते पर ही चलने की जरूरत है. श्रीमती गांधी ने विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री रहते वैश्विक क्षितिज पर भारत की बुलंदियों का जो झंडा फहराया था, उसका लोहा विकसित देश भी मानते रहे. उनकी कार्यशैली, त्वरित निर्णय की क्षमता तथा विपक्ष पर आक्रामक तेवर ने ही उन्हें आयरन लेडी के खिताब से नवाजा, ऐसे में सभी कांग्रेसजनों का यह कर्तव्य है कि खुद को इंदिरा गांधी के दिखाए रास्ते के अनुकूल ढालें और उसी रास्ते पर चल कर देश को समृद्ध और ताकतवर बनाने में सहयोग करें.
इस अवसर पर कार्यकारी जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई, सांसद प्रतिनिधि त्रिशानु राय, जितेन्द्र नाथ ओझा, पूर्व जिप अध्यक्ष अनिता सुम्बरुई,प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, जानवी जारिका, पूनम सावैयां, जया सावैयां, बीएन पूर्ति, बबलू कुमार रजक, सुरेश सावैयां, युवा कांग्रेस महासचिव पूर्ण चन्द्र कायम, गुलजार अंसारी , मो. असलम , आकाश पूर्ति, राजू कारवा , प्रताप सिंह सावैयां, नारायण निषाद, नन्द गोपाल दास , सुशील दास आदि उपस्थित थे.







