रामगोपाल जेना/चाईबासा : उपायुक्त चंदन कुमार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों को आदि कर्मयोगी अभियान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि “आदि कर्मयोगी अभियान” का उद्देश्य पूरे भारत में अनुसूचित जनजातीय आबादी के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करना है. इसके माध्यम से आदिवासी समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने तथा शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम में “आदि सेवा केन्द्र” का निर्माण किया जाएगा, जिसे “वन-स्टॉप सेवा केंद्र” के रूप में विकसित किया जाएगा. इन केन्द्रों पर विभागीय संपर्क विवरण, योजनाओं की जानकारी एवं शिकायत निवारण रजिस्टर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. साथ ही, ग्राम विकास, अधोसंरचना एवं बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति के लिए अभिसरण के माध्यम से ग्राम विकास योजना भी तैयार की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)

अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन तंत्र को मजबूत बनाना है. इसके लिए प्रशिक्षकों के द्वारा अपने प्रशिक्षण अनुभव को जमीनी स्तर तक पहुंचाकर अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाना हैं. इस अभियान के अंतर्गत आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी एवं आदि साथी की भूमिका के माध्यम से जनजातीय गांवों में विभिन्न योजनाओं में क्रिटिकल गैप को चिह्नांकित कर योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
प्रेस कॉन्फ्रेंस के पश्चात उपायुक्त की अध्यक्षता में आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उपायुक्त के द्वारा उपस्थित सभी लोगों को आदिवासी एवं जनजातीय समाज के विकास में अपना योगदान के लिए शपथ दिलाई गई. तत्पश्चात कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर सभी को मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया.



