रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में चल रही विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए उप विकास आयुक्त ने गुरुवार को पोखरपी, कोटगढ़ और दूधबिला ग्राम पंचायतों का दौरा किया. इस दौरान विभिन्न योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों और क्रियान्वयन एजेंसियों को कई अहम निर्देश दिए गए. उप विकास आयुक्त ने सबसे पहले विकसित भारत अभियान के तहत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना और बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन के अंतर्गत चल रहे कूप निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया. उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और उपयोगिता की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने का निर्देश दिया. इसके बाद उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया. उप विकास आयुक्त ने लाभुकों को अपने घरों का निर्माण जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे योजनाओं का समय पर लाभ प्राप्त कर सकें. (नीचे भी पढ़ें)

निरीक्षण के दौरान पंचायत भवनों में 15वें वित्त आयोग की राशि से चल रहे पंचायत भवन सुदृढ़ीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई. उन्होंने स्वीकृत योजनाओं की प्रगति, व्यय की स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता की विस्तार से जानकारी लेते हुए अधिकारियों को लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी. इसके अलावा डीएमएफटी मद से ग्राम पंचायत कोटगढ़ के राजाबांध नाला में निर्माणाधीन स्पैन पुलिया एवं चेकडैम, साथ ही कड़ियाटांगर नदी में बन रहे चेकडैम का भी भौतिक निरीक्षण किया. (नीचे भी पढ़ें)

डीडीसी ने संवेदकों और क्रियान्वयन एजेंसियों को सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूरे करने के निर्देश दिये. निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज पदाधिकारी सविता टोपनो, प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक, ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक एवं कनीय अभियंता, जिला परिषद के सहायक परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. (नीचे भी पढ़ें)

डीडीसी ने कहा कि सरकार की विकास योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर आवास, सिंचाई, आधारभूत संरचना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक योजना का कार्य गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और तय समय के भीतर पूरा हो, ताकि आम जनता को उसका पूरा लाभ मिल सके.



