
संतोष वर्मा
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर व मोंगरा में वर्षो से अधूरें पड़े जलमीनार योजना को क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु द्वारा विधानसभा में उठाये जाने के बाद झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर उर्फ मुन्नु ठाकुर ने मामले को गंभीरता से लिया है. सोमवार को वे खुद जांच करने के लिए पहुंचे. पीएचईडी मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर ने जगन्नाथपुर एवं मोगरा अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल आपूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया.
पीएचईडी मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर ने उपस्थित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.वे जगन्नाथपुर प्रखंड के मोगरा गांव में एक साल से लंबित जलापूर्ति की दशा देखकर ऐसे बिफरे कि अधिकारियों को ना सिर्फ नौकरी से हाथ धो देने की चेतावनी दी बल्कि फांसी पर लटका देने तक की धमकी दे दी. मंत्री ने जेई मनीष कुमार को निलंबित करने और संवेदक पर प्राथमिकी का निर्देश भी वरीय अधिकारियों को दिया. जगन्नाथपुर के मोगरा जलापूर्ति योजना 2015 में शुरू किया गया, दो साल में यह पूर्ण नहीं होने पर दो साल और समय बढाया गया, लेकिन 2019 में भी पूरा नहीं हो सका. इस मामले को जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकू ने विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद सोमवार को मंत्री खुद निरीक्षण करने पहुंचे थे.
पानी टंकी की हालत देख मंत्री अपने गुस्से पर काबू नहीं रख सकें. मंत्री ने देखा कि पानी टंकी अधूरा है, बांस लटका हुआ है, कई टंकी बनने के पहले ही जर्जर हो चुके है और टूटकर नीचे गिर रहे है, इसी बात पर मंत्री का कहना था कि अगर किसी व्यक्ति के ऊपर गिरा और मौत हुई तो बदनामी सरकार की होगी, इसलिए ऐसे लापरवाह अधिकारी और ठेकेदार को फांसी पर ही चढ़ा दिया जाना चाहिए. ज्ञात हो कि झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु द्वारा जगन्नाथपुर एवं मोगरा अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल आपूर्ति योजना वर्षो से अधर में पड़ा हुआ, कब तक योजना पूरी होगी, यह सवाल सदन में जोरदार तरीके से उठाया था.






