रामगोपाल जेना /
चाईबासा: चाईबासा जिला पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 12 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े एक बालक को उसके परिजनों से मिलाने में सफलता हासिल की है. बेटे के घर लौटने पर गांव में खुशी का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने बाजे-गाजे के साथ नृत्य करते हुए उसका स्वागत किया. जानकारी के अनुसार, सोनुआ थाना क्षेत्र के हाड़ीमारा गांव निवासी बोडराम उर्फ बुधराम गोप का बेटा राजा गोप उर्फ गोमा करीब चार-पांच वर्ष की उम्र में भटककर ट्रेन में बैठ गया था और इस दौरान वह केरल पहुंच गया. वहां वह पिछले 12 वर्षों से केरल के कुन्नूर में बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) की देखरेख में रह रहा था. बच्चे से मिली जानकारी के आधार पर केरल के सीडब्लूसी ने चाईबासा जिला पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से बालक के परिजनों तक सूचना पहुंचाई. (नीचे भी पढे़ं)

सोनुआ पुलिस की टीम गांव पहुंची और बच्चे के परिजनों से मिलकर पूरी जानकारी का सत्यापन किया. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस ने राजा गोप को केरल से वापस चाईबासा लाकर उसके परिवार को सौंप दिया. मंगलवार को जब राजा गोप अपने गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और नृत्य के साथ उसका भव्य स्वागत किया. 12 साल बाद बेटे को देखकर उसकी मां भावुक हो गई, वहीं परिवार के लिए यह बेहद खुशी का पल था. बताया जा रहा है कि राजा गोप केरल में रहते हुए फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी बन गया है और वह वहां एक क्लब केरला ब्लास्टर्स से जुड़कर फुटबॉल खेलता है. राजा ने कहा कि वह आगे भी फुटबॉल खेलना चाहता है और इसके लिए दोबारा केरल लौटने की इच्छा रखता है. इस पूरे मामले में चाईबासा जिला पुलिस की पहल और तत्परता की लोगों ने सराहना की है.






