चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम चाईबासा के एसजे डीएवी पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत तीन बार ॐ के उच्चारण और गायत्री मंत्र के साथ हुई. तत्पश्चात प्रार्थना, डीएवी गान और वन्दे मातरम् गाया गया. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. प्राचार्य सह एआरओ ओपी मिश्रा ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में सभी बच्चों की प्रस्तुति की हृदय से सराहना की. उन्होंने कहा कि आज का यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है. बच्चों ने जिस लगन और उत्साह से कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं, वह सच में प्रशंसनीय है. शिक्षण केवल एक पेशा नहीं, बल्कि निस्वार्थ परिश्रम, समर्पण और कर्तव्य की भावना है. एक शिक्षक अपने जीवन का हर क्षण अपने छात्रों के भविष्य को संवारने में लगा देता है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों से आग्रह है कि वे इस पवित्र कार्य को हमेशा सकारात्मक सोच और नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाएं. विद्यालय में जो संस्कार, अनुशासन और तालीम आपको मिलती है, वही जीवन भर आपकी सबसे बड़ी पूंजी बनकर काम आती है. सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हेड गर्ल अंशिका कुमारी अग्रवाल और छात्रा परी आनंद के भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने शिक्षकों के महत्त्व पर प्रकाश डाला. (नीचे भी पढ़ें)

इसके बाद शिक्षकों द्वारा हैंड पेंटिंग और छात्राओं द्वारा मधुर समूह गान प्रस्तुत किया गया. 12वीं विज्ञान की छात्रा संगीत विश्वकर्मा व हर्षिता सिंह द्वारा मनमोहक सेमी-क्लासिकल डांस और 12वीं विज्ञान के छात्र शिवांश बक्शी द्वारा एकल गीत प्रस्तुत किया गया. क्राउनिंग सेरेमनी के दौरान सभी शिक्षकों को ताज पहनाकर सम्मानित किया गया. 12वीं के छात्रों द्वारा शिक्षकों के जीवन पर आधारित रोचक रोल प्ले और 12वीं की छात्राओं द्वारा रंगारंग लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया. अंत में हेड बॉय रिशु सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. शिक्षिकाओं के लिए पासिंग द पार्सल और शिक्षकों के लिए क्रिकेट खेल का आयोजन किया गया. क्रिकेट खेल में साकिब के शूरवीरों ने दत्ता के धुरंधरों को धूल चटाई. कार्यक्रम का समापन प्रस्थान मंत्र और राष्ट्रगान के साथ हुआ. मंच का कुशल संचालन ऋषभ पारीक, मिस्बाह यासीन और आरुष अग्रवाल ने किया. इस अवसर पर हवन यज्ञ भी आयोजित किया गया.




