
संतोष वर्मा
चाईबासा : रांची के मोहराबादी मैदान में एक ओर राज्य की नव निर्वाचित हेमंत सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी में अधिकारी जुटे थे, तो दूसरी ओर जगन्नाथपुर के बाजार में प्रसव पीड़ा से एक महिला मुनी लागुरी कराह रही थी. उसकी पीड़ा को देखते हुए स्थानीय लोग 108 नंबर की सुविधा वाली एबुंलेस को बार-बार फोन कर बुलाते रहे, लेकिन एबुंलेस नहीं पहुंची. महिला ने लक्ष्मी (बच्ची) को जन्म बाजार में दिया उसके बाद एंबुलेंस पहुंची. देर से ही सही लेकिन एबुंलेस तो पहुंची. लेकिन बाजार में सब्जी बेचने वाली महिलाओं ने उस महिला की चादर से घेराबंदी कर प्रसव कराने में सहायता की. बाद में लोगों को मालूम चला कि प्रसूता जेटेया थाना क्षेत्र के अंतर्गत गितीकेन्दु गांव निवासी मनोज लागुरी की पत्नी है, जो बाजार में मुर्गा बेचने गितीकेन्दु से आयी थी. बताया गया उक्त महिला ट्रेन से जगन्नाथपुर आयी थी. मालूम हो की स्थानीय लोगों के सहयोग से उक्त महिला को जगन्नाथपुर सीएचसी ले जाया गया और प्राथमिक उपचार कराया गया. लेकिन यह वाक्या चर्चा का विषय बना रहा. राज्य में हेमंत सरकार आने के साथ ही बच्ची का जन्म होना यानी लक्षमी का आना माना जा रहा है.







