
जमशेदपुर : आईईएजेडी का दो दिवसीय 48वां वार्षिक सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। इसमें 100 प्रतिनिधियों एवं पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। सम्मेलन में आईईएजेडी के महासचिव कामरेड अमित माइती ने वर्ष 2020-21 का वार्षिक प्रतिवेदन एवं कोषाध्यक्ष कामरेड अशोक दास ने वित्तीय वर्ष 2020-21 का लेखा सभा के समक्ष रखा। इस पर विस्तृत चर्चा की गयी। आरंभ में अध्यक्ष कामरेड पूरबी घोष द्वारा डांडोत्तोलन कर किया। सम्मेलन में एलआईसी जमशेदपुर मण्डल की विभिन्न शाखाओं से आए सदस्य शामिल हुए। सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि ईसीजेडआईईए के अध्यक्ष कामरेड प्रदीप मुखर्जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक ट्रेड यूनियन के कार्य को समाज की उन्नति के लिए किए गए कार्य के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। सरकार इन संस्थानों को निजी हाथ में देने के लिए तत्पर है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए घातक है। (नीचे भी पढ़ें)
सभा को एआईआईईए के महासचिव कामरेड श्रीकांत मिश्रा ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने सरकार की विनिवेशिकरण और निजीकरण की नीतियों के दुष्प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों एवं एआईआईईए की उपलब्धियों पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आईएफएजेडी के संस्थापक सदस्य कामरेड अरुण पाल समेत 24 वक्ताओं ने इस सम्मेलन को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने वर्तमान चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। इस सम्मेलन में एलआईसी आईपीओ एवं सार्वजनिक बीमा क्षेत्र निजीकरण की कोशिश, नई पेंशन स्कीम को रद्द करने और पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने, नए लेबर कोड को रद्द करने, इन्श्युरेस प्रीमियम पर जीएसटी समस्त करने, फैमिली पेंशन में सुधार करने तथा आगामी 23-24 फरवरी के प्रस्तावित आम हड़ताल को समर्थन देते हुए 11 प्रस्ताव पारित किए गए। इस सम्मेलन में आगामी कार्यकाल के लिए कॉमरेड पूरबी घोष को अध्यक्ष, कॉमरेड अमित माइती को महासचिव एवं कामरेड अशोक कुमार दास को कोषाध्यक्ष चुना गया। सभा की अध्यक्षता कामरेड पूरवी घोष ने की।




