
रांची : झारखंड के हेमंत सोरेन की सरकार के दो साल पूरे हो रहे है. इस सरकार के दो साल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई टीवी चैनलों को अपना इंटरव्यू भी दिया. सोमवार को दिये गये एक निजी चैनल के इंटरव्यू में जमशेदपुर के टाटा के खिलाफ शुरू किये गये सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के आंदोलन का मुख्यमंत्री ने जोरदार तरीके से समर्थन किया. उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा कि कोल इंडिया, सेल, टाटा के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है. टाटा के खिलाफ इतना हंगामा, घेराव होने का कारण जानना पत्रकारों ने चाहा. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि घेराव एक चेतावनी (वार्निंग) है. मुख्यमंत्री बोले ”आपने यहां उद्योग लगाया, हवा में उद्योग नहीं लगाये, जमीन पर लगाये है. आपकी कंपनी को यहां की जनता ने सौ सालों तक मान-सम्मान दिया. लोगों की कुर्बानी के बाद आपकी इंडस्ट्रीज खड़ी की गयी. कितने गांव के मसना, मंदिर, सरना स्थल, गांवों को उजाड़ा गया, तब जाकर यह उद्योग बनाया गया. आप सौ साल के बाद अब कारपोरेट ऑफिस को पुणे ले जा रहे है. ये क्या संदेश देने की कोशिश की गयी. हम दो निवेश कराना चाहते है, लेकिन टाटा जैसे समूह की कंपनी बोल रही है कि हम जा रहे है. आप क्या झारखंड को चारागाह समझ लिया कि यहां को लूटो और मुंबई चले जाओ, ये तो मानने योग्य बात नहीं है. बरदाश्त नहीं करेंगे. खेत, जमीन अपना सबकुछ लोगों ने दिया और उसके साथ इस तरह का सलूक होगा तो कौन बरदाश्त करेगा. ” (नीचे देखे पूरी बयान और वीडियो)
इंडस्ट्रियल पॉलिसी का असर दिखेगा, निवेश बढ़ेगा, एससी-एसटी लोगों को ठेका में देंगे आरक्षण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दो साल के बाद अब गांवों में खुशियां आने लगी है. पारा टीचरों का समय जहां आंदोलन में जाता था, वह अब काम कर रहे है. उन्होंने कहा कि एससी-एसटी के लोगों को दो करोड़ तक का टेंडर में दस फीसदी आरक्षण देंगे. उनको प्रोफेशनल बनाकर कमाई का रास्ता देंगे, ट्रेंड करेंगे. उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल पॉलिसी का लाभ देखने को मिला है. अब तक 1000 करोड़ रुपये तक का निवेश हो चुका है. ढाई हजार लोगों को नियुक्त किया गया है. ऐसे ही निवेश काफी आयेंगे.



