
जमशेदपुर : देश की सबसे बड़ी निजी स्टील कंपनी टाटा स्टील ने चालू वित्तीय वर्ष 2019-2020 के तीसरे तिमाही का सेल्स (बिक्री) और प्रोडक्शन (उत्पादन) का परिणाम जारी किया है. वित्तीय वर्ष में पूरे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के बावजूद कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाबी हासिल की है. इसके तहत टाटा स्टील ने सेल्स और प्रोडक्शन में बढ़ोत्तरी दर्ज की है. मार्केट में सुधार होने की उम्मीद जताते हुए कंपनी ने बताया है कि हाल के दिनों में चले सुधार कार्यक्रमों के कारण हुआ है. टाटा स्टील यूरोप में भी बेहतर प्रोडक्शन औरक सेल्स हुआ है, लेकिन टाटा स्टील के सिंगापुर और थाइलैंड के बाजार में धीमापन होने के कारण साउथ इस्ट एशिया में बेहतर प्रोडक्शन और सेल्स भी दर्ज नहीं किया गया है. शुक्रवार को कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, टाटा स्टील ने सभी जगहों पर बेहतर प्रदर्शन किया है और उम्मीद जतायी है कि आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर हो सकती है.
मौजूदा विश्व में मचे उथल-पुथल से स्टील के बाजार पर पड़ सकता है असर, टाटा स्टील ने जतायी आशंका
टाटा स्टील की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि चालू वित्तीय वर्ष 2019-2020 के तीसरी तिमाही में काफी कम जीडीपी था. स्टील का डिमांड भी काफी कम रहा है. इन सबके बावजूद चीन के स्टील का डिमांड होने के बावजूद पांच मिलियन टन तक का एक माह में निर्यात हुआ है. अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर चल रही वार्ता से भी उम्मीदें है कि स्टील की कीमत के साथ ही स्टील का डिमांड भी बढ़ेगा, जिसका लाभ मिल सकता है. वैसे विश्व में जिस तरह की अशांति की स्थिति बनी हुई है, उससे आशंका है कि रिस्क बढ़ भी सकता है. यूरोप में रॉ मैटेरियल (खनिज उत्पाद) की कीमत कम होने का भी लाभ होता नजर आ रहा है. वैसे भारत को लेकर टाटा स्टील ने बताया है कि भारत की अर्थव्यवस्था में सुस्ती बनी हुई थी. अक्तूबर तक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन नवंबर के बाद से हालात बेहतर हुए है. वैसे यह उम्मीद टाटा स्टील ने जतायी है कि आने वाले दिनों में रिटेल का बाजार और बेहतर हो सकता है.
टाटा स्टील के प्रोडक्शन की स्थिति एक नजर में : (अक्तूबर से दिसंबर 2019 से 2018 का तुलना)
टाटा स्टील के प्लांट का नाम–अक्तूबर से दिसंबर 2019 तक-अक्तूबर से दिसंबर 2018 तक
टाटा स्टील इंडिया——————–4.46 मिलियन टन———————–4.38 मिलियन टन
टाटा स्टील यूरोप——————-2.50 मिलियन टन————————-2.34 मिलियन टन
टाटा स्टील साउथ इस्ट एशिया—-0.49 मिलियन टन—————–0.52 मिलियन टन
टाटा स्टील का सेल्स का आंकड़ा एक नजर में : (अक्तूबर से दिसंबर 2019 से 2018 का तुलना)
टाटा स्टील के प्लांट का नाम—-अक्तूबर से दिसंबर 2019 तक-अक्तूबर से दिसंबर 2018 तक
टाटा स्टील इंडिया——————-4.84 मिलियन टन————–3.89 मिलियन टन
टाटा स्टील यूरोप——————–2.31 मिलियन टन————-2.35 मिलियन टन
टाटा स्टील साउथ इस्ट एशिया—-0.59 मिलियन टन—————-0.57मिलियन टन
टाटा स्टील के प्रोडक्शन की स्थिति एक नजर में : (अप्रैेल से दिसंबर 2019 से 2018 तक का तुलना)
टाटा स्टील के प्लांट का नाम—अप्रैल से लेकर दिसंबर 2019 तक—अप्रैल से दिसंबर 2018 तक
टाटा स्टील इंडिया————13.46 मिलियन टन—————–12.90 मिलियन टन
टाटा स्टील यूरोप————–7.60 मिलियन टन—————–7.57 मिलियन टन
टाटा स्टील साउथ इस्ट एशिया—1.63 मिलियन टन————–1.58 मिलियन टन
टाटा स्टील का सेल्स का आंकड़ा एक नजर में : (अप्रैेल से दिसंबर 2019 से 2018 तक का तुलना)
टाटा स्टील के प्लांट का नाम—-अप्रैल से लेकर दिसंबर 2019 तक–अप्रैल से दिसंबर 2018 तक
टाटा स्टील इंडिया—————–12.94 मिलियन टन——————-12.02 मिलियन टन
टाटा स्टील यूरोप——————-12.94 मिलियन टन————-12.02 मिलियन टन
टाटा स्टील साउथ इस्ट एशिया——1.81 मिलियन टन————-1.81 मिलियन टन





