
जमशेदपुर : टाटा स्टील द्वारा संचालित आइएसडब्ल्यूपी (तार कंपनी) की तारकम्पनी यूनियन के विरोधी पक्ष द्वारा तार कम्पनी आवासीय परिसर में एक बैठक गुरुवार को किया गया. इस बैठक में करीब 50 कर्मचारी उपस्थित थे. 12 फरवरी को मीडिया में वर्तमान यूनियन के केयर टेकर महामंत्री एवं डिप्टी प्रेसिडेन्ट द्वारा तार कम्पनी यूनियन के चुनाव एवं ई सीरीज ग्रेड के कर्मचारियों का ग्रेड के सम्बन्ध में जो बयानबाजी किया गया, उसका आलोचना किया गया. इन लोगों ने कहा कि 23 नवंबर 2021 के कमेटी मीटिंग में कोई भी मुद्दा बहुमत से पारित नहीं हुआ है, जब 8 अक्टूबर 2021 को यूनियन के तीन साल का कार्यकाल समाप्त हो गया तो 23 नवंबर 2021 को इन लोगों ने किस हैसियत से इसे पारित किया. अगर इन लोगों को अब कोई भी मुद्दा बहुमत से पारित कराना है तो कर्मचारियों की आमसभा बुलानी होगी या चुनाव कराना पड़ेगा. इन लोगों ने कहा कि उनको लगता है कि यूनियन के केयर टेकर महामंत्री एवं डिप्टी प्रेसिडेन्ट को यूनियन के संविधान के जानकारी नहीं है या संविधान को ठीक से पढ़ा नहीं है. 23 नवंबर 2021 के मीटिंग में चुनाव को टालने के लिए इन लोगों द्वारा एक माह का समय मांगा गया था एवं बोला गया था कि एक माह के अन्दर वे लोग ई सीरीज ग्रेड के पश्चात चुनाव करायेंगे, पर इन पर विरोधी खेमें द्वारा पूरजोर विरोध किया गया था, पर बाद में अध्यक्ष के कहने पर सिर्फ एक माह का समय दिया गया एवं जिसकी जानकारी अध्यक्ष ने कमेटी मीटिंग के पश्चात् मीडिया को दिया था. अब इन लोगों के ऊपर सवाल पैदा होता है कि अगर इन लोगों ने 9 सितंबर 2021 को प्रशासन को चुनाव के लिए चिट्ठी लिखी थी एवं 13 सितंबर 2021 को प्रशासन की तरफ से जवाब आया था कि कोरोना के लिए चुनाव की अनुमति नहीं दी जाएगी, तो इसका जिक्र 71 दिन बाद 23 नवंबर 2021 को कमेटी मीटिंग में क्यों नहीं किया गया. इसका मतलब इन चिट्ठी में जरूर कुछ गुमराह करनी वाली बात है. इन लोगों ने कहा कि इनलोगों को ई सीरीज के कर्मचारियों के ग्रेड करने के लिए 10 माह मिल चुका है, पर इन लोगों ने अभी तक ग्रेड नहीं कर पाये. इन लोगों को यह जानकारी नहीं है कि यूनियन के कार्यकाल 8 अक्टूबर 2021 को समाप्त हो चुका है एवं यूनियन संविधान अनुसार 8 अक्टूबर 2021 के बाद कोई भी समझौता यूनियन कम्पनी के साथ नहीं कर सकता. अगर करता भी है तो इसे अवैध माना जाएगा. इन लोगों ने सितम्बर 2021 को अखबार में छपवाया था कि ई सीरीज के कर्मचारियों के ग्रेड में वे लोग इसी महीने 18000 रुपये प्रतिमाह बढ़ोत्तरी कर रहे है, पर अब छह माह बीतने चला है और अब तक इन दोनों बोल रहे है कि डंके की चोट पर इस फरवरी 2022 को ई सीरीज कर्मचारियों का ग्रेड कर लिया जाएगा. इन लोगों ने कहा कि सभी को पता है कि ई सीरीज कर्मचारियों का वेतन बहुत ही कम है इसलिए अगर इन लोगों का ग्रेड में किसी तरह का नुकसान पहुंचाया गया तो इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा. इन लोगों (तार कंपनी यूनियन के महासचिव और डिप्टी प्रेसिडेंट) ने अपनी तानाशाही रवैया दर्शाते हुए 7 महीना बीत जाने के बाद अभी तक करीब 20 कर्मचारी को यूनियन को सदस्यता नहीं दिया है, जो कि यूनियन के संविधान एवं टाटा एथिक्स के खिलाफ है. इन लोगों ने कहा कि सभी ने एक मत होकर यह निर्णय लिया कि इन लोगों ने यूनियन की संविधान को ताक में रखकर अपनी मनमानी कर रहे है. लोकतांत्रिक व्यवस्था को तानाशाही में बदलना चाहते है. यूनियन के तीन साल का कार्यकाल समाप्त होकर पांच माह होने जा रहा है एवं उनके पास भी 10 से ज्यादा निर्वाचित कमेटी मेम्बर है एवं अधिकांश कर्मचारी का समर्थन भी है इसलिए अविलम्ब वे लोग को पहले अपने एमडी को इस विषय पर एक ज्ञापन देना है,. इसके बाद डीसी, एसडीओ एवं डीएलसी को भी ज्ञापन द्वारा वस्तुस्थिति से अवगत कराना चाहिए. इस बैठक में आशीष अधिकारी समेत कई अन्य लोग मौजूद थे.




