
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने पिछले सप्ताह अपने कलिंगानगर संयंत्र में एलजीबीटीक्यू प्लस (एलजीबीटी +) समुदाय के 12 क्रेन ऑपरेटर प्रशिक्षुओं को शामिल करके अपने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की संख्या में और विस्तार किया है. दिसंबर 2021 में, टाटा स्टील के वेस्ट बोकारो डिवीजन ने एक ऐतिहासिक पहल के रूप में 14 ट्रांसजेंडर्स को अपनी खदानों में हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) ऑपरेटरों के रूप में शामिल किया. एलजीबीटीक्यू प्लस को लेस्बियन, गे, बाइसेक्सूअल, ट्रांजेंडर, इंटरसेक्स, क्वीर-क्वेस्चनिंग, ए सेक्सूअल (एलजीबीटी +) समुदाय में शामिल करने के इस कदम का उद्देश्य न केवल रूढ़िवादिता को तोड़ना है, बल्कि ट्रांसजेंडर्स को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है. टाटा स्टील की विविधता एवं समावेशन (डीएंडआई) पहल का उद्देश्य एक ऐसे कार्यस्थल का निर्माण करना है जहां हर किसी का सम्मान हो, हर किसी की आवाज़ सुनी जाए और लोग अपने वास्तविक रूप को काम कर सकें. टाटा स्टील कलिंगानगर (टीएसके) में ऑनबोर्डिंग कार्यक्रम 17 फरवरी को आयोजित किया गया था. वीपी एचआरएम अत्रेयी सान्याल इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस अवसर पर टाटा स्टील कलिंगानगर के वाइस प्रेसिडेंट राजीव कुमार, टाटा स्टील कलिंगानगर चीफ एलएंडडी और चीफ डाइवर्सिटी ऑफिसर जया सिंह पांडा और चीफ डाइवर्सिटी ऑफिसर, टीएसके, सीएल कर्ण, चीफ लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन्स, टीएसके, और इमदाद अली, चीफ ह्यूमन रिसोर्स बिज़नेस पार्टनर, टीएसके, भी उपस्थित थे. “मुझे टाटा स्टील परिवार में सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है. हम एलजीबीटी + समावेशन को बढ़ावा देने और बेंचमार्क कार्यस्थल बनाने के अपने प्रयासों को जारी रखेंगे. वीपी एचआरएम अत्रेयी सान्याल ने कहा कि “एचआर उत्कृष्टता की यह यात्रा बेहद फायदेमंद रही है और हमें विविधता और समावेशन पर नए क्षितिज तलाशने के लिए प्रेरित करती है. ” प्लांट में क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम करना शुरू करने से पहले प्रशिक्षुओं को एक साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा. वीपी ऑपरेशन राजीव कुमार ने कहा कि हजारों मील की यात्रा एक कदम से शुरू होती है और यहां एक अधिक विविध और समावेशी कार्यस्थल बनाने के हमारे प्रयास में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. एक समान अवसर नियोक्ता के रूप में, टाटा स्टील लोगों की विशिष्टता का सम्मान करती है और भविष्य के कार्यक्षेत्र के निर्माण की दिशा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है. डीएंडआई लंबे समय से टाटा स्टील के लोकाचार का हिस्सा रहा है. कंपनी ने कई पथ-प्रदर्शक पहल की हैं, जिसमें मासिक धर्म अवकाश, एलजीबीटीक्यू प्लस पार्टनर्स के लिए समान लाभ, लिंग तटस्थ मातृ-पितृ अवकाश, और लिंग पुष्टि के लिए समर्थन शामिल हैं. टाटा स्टील एक विविध, समावेशी, सुरक्षित और निष्पक्ष कार्यस्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसने 2025 तक 25 प्रतिशत विविध कार्यबल रखने का लक्ष्य रखा है. टाटा स्टील एलजीबीटी + कार्यबल के लिए कार्यस्थल समानता सूचकांक के तहत एक प्रमाणित गोल्ड एम्प्लायर है.





