
जमशेदपुर : टाटा स्टील और टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट (टाटा स्टील की कंपनी, जिसका नाम उषा मार्टिन के टेकओवर के बाद तय किया गया था) की ओर से भारत सरकार के इस्पात उपक्रम नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड के 93.71 फीसदी इक्वीटी शेयर की खरीददारी की प्रक्रिया पूरी कर ली. टाटा स्टील ने भेल, ए़एमडीसी, एमएमटीसी, मेकॉन, इंडस्ट्रियल प्रोमोशन एंड इंवेस्टमेल कारपोरेशन ऑफ ओड़िशा, ओड़िशा माइनिंग कारपोरेशन, भारत सरकार के नीलांचल इस्पाद निगम लिमिटेड, भारत के राष्ट्रपति, ओड़िशा सरकार के सारे शेयरों को लिया. यह कंपनी टाटा स्टील की लांग प्रोडक्ट कंपनी के अधीन संचालित होगी और टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट ही इसका अधिग्रहण करेगी. इसकी जानकारी टाटा स्टील ने बांबे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सेंज को दी है. टाटा स्टील ने नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड द्वारा भारत सरकार और ओड़िशा सरकार की संयुक्त उपक्रम का टेकओवर किया है, जिसका प्लांट ओड़िशा में है, जिसका 90 मिलियन टन का आयरन ओर माइंस का रिजर्व मौजूद है. 2018-2019 में जहां इस कपनी का रेवेन्यू 2025 करोड़ था, वह घटकर 2019-2020 में 941 करोड़ हो गया था और बाद में 2020-2021 में इसका राजस्व घटकर 24 करोड़ रुपये हो गया था. 27 मार्च 1982 को स्थापित इस कंपनी के पास पिग आयरन समेत अन्य प्रोडक्ट तैयार करने की क्षमता है. भारत सरकार की यह उपक्रम कंपनी है. इस कंपनी का टेकओवर भारत सरकार के माध्यम से किये गये ऑक्सन के माध्यम से टाटा स्टील ने किया है. 45 दिनों के भीतर इसके टेकओवर की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी.






