
जमशेदपुर : झारखंड के श्रम विभाग और टाटा स्टील रोजगार सृजन की दिशा में विशेष कदम उठायेगी. इसके तहत टाटा स्टील झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षक्षेत्र में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट (आइटीआइ) की स्थापना करेगी. टाटा स्टील यह तीसरा आइटीआइ है, जिसका टेकओवर कंपनी द्वारा किया जा रहा है. टाटा स्टील फाउंडेशन और टाटा स्टील कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी चीफ सौरभ राय ने राज्य के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता की मौजूदगी में समझौता पर हस्ताक्षर किया. इस मौके पर श्रम सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो, निदेशक रोजगार व प्रशिक्षण डॉ नेहा अरोड़ा, टाटा स्टील के हेड स्किल डेवलपमेंट कैप्टन अमिताभ समेत अन्य लोग मौजूद थे. टाटा स्टील द्वारा चांडिल में आइटीआइ की स्थापना कर युवाओं को टेक्निकल व वोकेशनल कोर्स की ट्रेनिंग देगी. पहले 100 छात्रों को यहां इलेक्ट्रिकल, पिटर, टर्नर, वेल्डर की दो साल तक ट्रेनिंग दी जायेगी. वर्ष 2023 के एकेडमिक सेशन की इसकी शुरुआत की जायेगी. युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया है. यहां तकनीकी तौर पर युवाओं को दक्ष बनाने के लिए टाटा स्टील चांडिल में सरकार के साथ मिलकर आइटीआइ का समझौता करेगा. दरअसल, इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन से जुड़े लोग है, जिनको रोजगार नहीं मिल पाता है और ऐसे लोग वन उत्पादों पर निर्भर रहते है. यहां लड़कियों को भी टेक्निकल क्षेत्र में ट्रेनिंग देने के लिए काम किया जायेगा ताकि वे लोग भी परिवार की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सके. टाटा स्टील के कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के चीफ सौरभ राय ने बताया कि टाटा स्टील फाउंडेशन युवाओं को तकनीकी तौर पर दक्ष बनाने और सही तरीके की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है. सरकार के साथ मिलकर कंपनी चाहती है कि क्षेत्र का विकास हो सके और युवाओं को बेहतर तरीके से रोजगार मिल सके. सौरभ राय ने बताया कि वे लोग आइटीआइ तमाड़ और आइटीआइ जगन्नाथपुर का संचालन कर रहे है, जिससे कई युवाओं को कंपनी ने सरकार के सहयोग से तैयार किया है. इन सारे आइटीआइ के छात्रों का बेहतर प्लेसमेंट भी हुआ है. उन्होंने बताया कि 1 से दो लाख रुपये सालाना के पैकेज पर बहालियां हुई है. इन सारे आइटीआइ के ट्रेनीज को सुजुकी मोटर्स, हिंडालको, क्योसेरा, जेमीपोल, आरकेएफएल, ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है. कुछ छात्रों को हांगकांग में भी नौकरी मिल चुकी है. टाटा स्टील के वीपी कारपोरेट सर्विसेज चाणक्य चौधरी ने इस पर अपना व्यक्तव्य देते हुए कहा है कि टाटा स्टील फाउंडेशन झारखंड और ओड़िशा में दक्ष और स्किल युवाों को आगे लाने की कोशिश कर रहा है. तीसरा आइटीआइ झारखंड में संचालित करने का बीड़ा हम लोगों नेउठाया है. उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश होगी कि इसको विश्वस्तरीय स्किल इंस्टीच्यूशन बनाया जाये, जिससे राज्य का विकास हो सके और यहां के युवाओं को बेहतर लाभ मिल सके. यहां के छात्रों को स्कॉलरशिप और अन्य स्कीम का भी लाभ देने की बातें श्री चौधरी ने कहीं. श्री चौधरी ने कहा कि दो आइटीआइ का प्लेसमेंट ट्रैक बताता है कि इसका डिमांड काफी बेहतर है और आइटीआइ के संचालन से युवाओं को रोजगार मिल पा रहा है.



