
जमशेदपुर : टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट द्वारा अधिग्रहित भारत सरकार के इस्पात उपक्रम रहे नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड को संचालन के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. एमडी ने इसकी क्षमता को विकसित करने के लिए आइटी समेत अन्य तमाम क्षेत्रों में काम को बेहतर तरीके से संपादित करने के लिए हाई लेबल तीन स्तरीय टीम बनायी है. इस कमेटी स्टीयरिंग कमेटी बनायी गयी है, जिसका नेतृत्व वीपी फाइनांसियल ऑपरेशन कारपोरेट रिपोर्टिंग संजीब नंदा करेंगे, जिसमें 10 सदस्य बनाये गये है. इसी तरह वर्किंग टीम दो बनाये गये है, जिसमें फंक्शनल कोर टीम में 7 लोगों को रखा गया है, जिसका नेतृत्व ओड़िशा प्रोजेक्ट के हेड फाइनांस व एकाउंट मुकेश कुमार जाटिया करेंगे. वहीं, टेक्निकल कोर टीम बनायी गयी है, जिसका नेतृत्व टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट के सीनियर डिवीजनल हेड शर्मिष्ठा चक्रवर्ती करेंगे, जिसमें कुल 8 सदस्य बनाये गये है. फंक्शनल डोमेन एक्सपर्ट की एक टीम बनायी गयी है, जिसमें कुल 16 लोगों की टीम बनायी गयी है, जिसका नेतृत्व हेड फाइनांसियल एकाउंट्स अनिल कुमार खेमका करेंगे. टाटा स्टील और टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट (टाटा स्टील की कंपनी, जिसका नाम उषा मार्टिन के टेकओवर के बाद तय किया गया था) की ओर से भारत सरकार के इस्पात उपक्रम नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड के 93.71 फीसदी इक्वीटी शेयर की खरीददारी कर ली है. टाटा स्टील ने भेल, ए़एमडीसी, एमएमटीसी, मेकॉन, इंडस्ट्रियल प्रोमोशन एंड इंवेस्टमेल कारपोरेशन ऑफ ओड़िशा, ओड़िशा माइनिंग कारपोरेशन, भारत सरकार के नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड, भारत के राष्ट्रपति, ओड़िशा सरकार के सारे शेयरों को लिया. यह कंपनी टाटा स्टील की लांग प्रोडक्ट कंपनी के अधीन संचालित होगी और टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट ही इसका अधिग्रहण की है. टाटा स्टील ने नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड द्वारा भारत सरकार और ओड़िशा सरकार की संयुक्त उपक्रम का टेकओवर किया है, जिसका प्लांट ओड़िशा में है, जिसका 90 मिलियन टन का आयरन ओर माइंस का रिजर्व मौजूद है. 2018-2019 में जहां इस कपनी का रेवेन्यू 2025 करोड़ था, वह घटकर 2019-2020 में 941 करोड़ हो गया था और बाद में 2020-2021 में इसका राजस्व घटकर 24 करोड़ रुपये हो गया था. 27 मार्च 1982 को स्थापित इस कंपनी के पास पिग आयरन समेत अन्य प्रोडक्ट तैयार करने की क्षमता है. भारत सरकार की यह उपक्रम कंपनी है. इस कंपनी का टेकओवर भारत सरकार के माध्यम से किये गये ऑक्सन के माध्यम से टाटा स्टील ने किया है. 45 दिनों के भीतर इसके टेकओवर की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी.






