जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के बकाये पेट्रोल एलाउंस को लेकर मंगलवार को वार्ता हुई. इस वार्ता में टाटा स्टील मैनेजमेंट की ओर से एचआर से जुड़े अधिकारी के अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह मौजूद थे. इस मीटिंग के दौरान पेट्रोल एलाउंस को लेकर मैनेजमेंट ने कई स्तर पर जानकारी दी. इस दौरान प्रेजेंटेशन में बताया गया कि वर्ष 2009 से लेकर 2022 तक जितना भी समझौता हुआ है, उसमें तीन से चार साल के लिए हुआ है और करीब 300 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की ही बढ़ोत्तरी हुई है. इस बार के प्रेजेंटेशन में यह भी बताया गया है कि चूंकि महंगाई भत्ता (डीए) में पेट्रोल और डीजल की बढ़ोत्तरी को भी जोड़ा जाता है, इस कारण ज्यादा बढ़ोत्तरी संभव नहीं है. इसको लेकर यूनियन ने हर बार से ज्यादा का डिमांड किया है. वैसे यह संभावना जतायी जा रही है कि बहुत जल्द समझौता हो जायेगा. यह कहा जाये कि एक या दो दिनों में समझौता हो जायेगा नहीं तो इस सप्ताह के अंत तक हर हाल में समझौता हो जायेगा, तो गलत नहीं होगा. आपको बता दें कि पिछली बार 2017 में समझौता हुआ था, जिसमें पांच साल के लिए पेट्रोल एलाउंस का समझौता हुआ था. करीब 14 हजार कर्मचारियों के लिए यह समझौता हुआ था, जिसमें बाइक के लिए 300 रुपये और कार के लिए 350 रुपये की बढ़ोत्तरी की गयी थी. पिछले बार एरियर की राशि का भी भुगतान किया गया था, क्योंकि देर से एलाउंस का समझौता हुआ था. कर्मचारियों का बाइक का भत्ता अभी 1500 रुपये प्रतिमाह जबकि कार का 2050 रुपये प्रतिमाह मिल रहा है. वहीं, सुपरवाइजरों को 1550 रुपये बाइक का जबकि कार का भत्ता 2250 रुपये मिल रहा है. एनएस 1 से एनएस 6 ग्रेड और टी या पी सीरीज का 1450 रुपये प्रतिमाह बाइक का और 2000 रुपये कार का भत्ता मिल रहा था. एनएस 7 से एनएस 12 तक के ग्रेड को 1500 रुपये प्रतिमाह बाइक का और 2200 रुपये कार का भत्ता मिल रहा है. (नीचे पढ़े कमेटी मीटिंग से जुड़ी खबर)

टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग 11 जुलाई को
टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग 11 जुलाई को होने जा रहा है. काफी दिनों के बाद यह कमेटी मीटिंग होने जा रही है. लेकिन इसमें कोई अन्य मुद्दा को शामिल नहीं किया गया है. सिर्फ पिछले मीटिंग के मिनट्स को पारित किया जायेगा और एकाउंट को पेश किया जायेगा. इससे पहले फाइनांस कमेटी की मीटिंग हो चुकी है, जिसमें एकाउंट को पारित किया गया है. अब कमेटी मीटिंग में इसको पारित कराया जायेगा. टाटा स्टील में पेट्रोल एलाउंस के अलावा बोनस समझौता बाकि है जबकि कर्मचारियों का दूसरे प्लांट और कंपनियों में ट्रांस्फर का मुद्दा उठ रहा है, लेकिन इसको लेकर कमेटी मीटिंग में किसी को बोलने की इजाजत नहीं दी गयी है.



