जमशेदपुर : टाटा मोटर्स ने फोर्ड इंडिया के गुजरात के सानंद स्थित फोर्ड इंडिया मैनुफैक्चरिंग प्लांट को खरीद लिया है. 726 करोड़ रुपये में हुए सौदा के बाद अमेरिकी ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड मोटर्स के इंडिया प्लांट को कंपनी ने टेकओवर कर लिया है. एक साल बाद इस डील को मंजूरी दी गयी. सानंत में टाटा मोटर्स की एक ओर प्लांट पहले से है, जहां टाटा नैनो कार का प्रोडक्शन होता था. यह प्लांट ठीक फोर्ड प्लांट के सामने हैं. सूत्रों के मुताबिक, फोर्ड इंडिया प्लांट में स्थायी और अस्थायी तौर पर करीब 23 हजार कर्मचारी कार्यरत है. टाटा मोटर्स उन सारे कर्मचारियों को अपने यहां नौकरी देने की बात कहीं है. टाटा ने इस मामले में एक बार फिर से दरियादिली दिवायी है. टाटा मोटर्स की ओर से फोर्ड के इस प्लांट को खरीदने के बाद राज्य सरकार से जमीन ट्रांस्फर करने के लिए वसूले जाने वाले रेट में छूट की मांग की है. टाटा मोटर्स ने गुजरात सरकार से जंत्री रेट 20 फीसदी यानी 66 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा है. गुजरात सरकार ने टाटा मोटर्स की इस अपील को मान ली है. सूत्र के मुताबिक, वर्ष 2011 में फोर्ड कंपनी ने करीब 8000 करोड़ रुपये निवेश कर सानंद के मैनुफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना की थी. करीब 10 साल के दौरान फोर्ड को दो बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा. इसके बाद फोर्ड ने भारत छोड़ने का फैसला लिया, जिसका टेकओवर टाटा मोटर्स कंपनी ने किया. टाटा मोटर्स की योजना है कि टाटा अपने पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड अपनी इलेक्ट्रिक वेहिकल्स का उत्पादन करेगी. उस प्लांट में फोर्ड की इको स्पोर्ट का उत्पादन होता था. सानंद प्लांट में हर साल 3 लाख से लेकर 4.2 लाख कारों का उत्पादन होता था. यहां इसी रफ्तार में टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक गाड़ियों का प्रोडक्शन करेगी.
फोर्ड मोटर्स के चेयरमैन ने रतन टाटा को औकात दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन अब उसका ही उनकी ही कंपनी ने टेकओवर कर लिया
समय का पहिया घुमता है. यह फोर्ड मोटर्स के गुजरात के सानंद प्लांट का टेकओवर कर टाटा मोटर्स और रतन टाटा की टाटा समूह ने साबित कर दिया. फोर्ड मोटर्स के चेयरमैन बिल फोर्ड ने भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक हस्ती रतन टाटा को उनकी औकात दिखाने की कोशिश की थी. जब टाटा की इंडिका फेल हो गयी थी तो रतन टाटा ने इसे फोर्ड को बेचने की कोशिश की थी. बिल फोर्ड ने रतन टाटा से कहा था कि जब पैसेंजर कार बनाने का कोई अनुभव नहीं था तो ये बचकाना हरकत क्यों की. हम आपका कार बिजनेस खरीदकर आप पर उपकार ही करेंगे. रतन टाटा बुरी तरह हिल गये थे. उसी रात उन्होंने कार बिजनेस बेचने का फैसला टाल दिया था और फिर कार बिजनेस में ताकत लगा दी. यह 1999 का दौर था, लेकिन अब 2022 का दौर है, जहां टाटा ने अब फोर्ड मोटर्स के गुजरात के सानंद प्लांट को खरीद लिया है. आपको बता दें कि फोर्ड मोटर्स ने गुजरात के सानंद प्लांट को टेकओवर कर लिया है.




