जमशेदपुर : टाटा स्टील के लर्निंग एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (एसएनटीआइ) के रिस्ट्रक्चरिंग के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी गयी. इसको लेकर टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इसको मंजूरी दी गयी. इस बैठक में टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह, चीफ एचआरएम दीपा वर्मा, चीफ एलएंडी जयसिंह पांडा, चीफ पीएसडी रामाशंकर सिंह, टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, सहायक सचिव नितेश राज, एलएंडडी विभाग के कमेटी मेंबर राजीव कुमार चौधरी समेत अन्य लोग मौजूद थे, जिसमें इसका समझौता किया गया. लर्निंग एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के समझौता के तहत ट्रेनर्स की संख्या वर्तमान में 19 है, जिसे रिस्ट्रक्चरिंग के बाद 25 किया जाएगा एवं वर्तमान ग्रेड वी-12 एवं वी-15 को बढ़ाकर वी-14 एवं वी-17 किया गया. नॉन टीचिंग स्टाफ वर्तमान में स्टैंडर्ड फोर्स में 12 कर्मचारी हैं, जिसे बढ़ाकर 18 करने की सहमति दी गई एवं उसमें से भी 6 लोगों को का प्रमोशन करने पर सहमति बनी. कुछ कर्मचारी जो कई वर्षों से इएसएफ पोजीशन में थे वह अब स्टैंडर्ड फोर्स का हिस्सा बन जाएंगे, यह तय हुआ. इस समझौते से वहां काम करने वाले कर्मचारियों के अपग्रेडेशन, प्रोमोशन एवं स्टैंडर्ड फोर्स में समाहित करने की सहमति प्रदान की गई. इस समझौते से विभाग के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है. लर्निंग एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के रिस्ट्रक्चरिंग का प्रपोजल पहली बार जून के महीने में मैनेजमेंट द्वारा यूनियन को भेजा गया था. प्रपोजल वहां के कर्मचारियों को बिल्कुल ही पसंद नहीं था और सारे कर्मचारी काफी मायूस थे. लर्निंग एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के कमेटी मेंबर राजीव कुमार चौधरी, जो कि वहां के एक बहुत ही सीनियर फैकल्टी भी हैं. उन्होंने इस मुद्दे को टाटा वर्कर्स यूनियन के समक्ष रखा और उनसे सहयोग की मांग की. टाटा वर्कर्स यूनियन के सीनियर लीडरशिप इसमें सहयोग का भरोसा दिया और 2 महीने से भी कम समय में इस रिस्ट्रक्चरिंग प्रपोजल को बेहतर बनाने के लिए मैनेजमेंट के साथ कई दौर की वार्ता की और अंततः वहां के कर्मचारियों के उम्मीदों के अनुसार पुराने प्रपोजल में सुधार किया गया.






