
जमशेदपुर : टाटा स्टील के परिसर के अंदर ठेकेदार उमेश पांडेय के आत्महत्या करने का मामला गरमा गया है. इस मामले में परिवार के लोगों ने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर बिष्टुपुर पुलिस से मांग की कि इस मामले में हत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दायर कर कार्रवाई करने की मांग की है. गुरुवार को पंचायत प्रतिनिधियों के साथ जिला परिषद सदस्य किशोर यादव दल बल के साथ पहुंचे और मांग की कि जितना बकाया राशि पहले उसको दें. इसके अलावा उनके भाई का इलाज कराया जाये और तमाम सुविझाएं दी जाये. इन लोगों ने आरोप लगाया कि टाटा स्टील के दबाव के कारण उमेश पांडेय की संदेहास्पद मौत हुई है. इन लोगों ने आरोप लगाया कि मृतक के स्पेयर कंपनी का टाटा स्टील पर 27 लाख रुपये का बकाया है, जिसका भुगतान नहीं किया गया है, जिस कारण उनके शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है. इन लोगों ने कहा है कि जब तक पंचायत प्रतिनिधियों की मांगे पूरी नहीं होगी तब तक शव का दाह संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया गया और 3 मार्च को शव के साथ बिष्टुपुर स्थित जेएन टाटा की मूर्ति के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया गया है. इसके पूर्व बिष्टुपुर थाना प्रभारी के कक्ष में त्रिस्तरीय वार्ता संपन्न हुई। जिसमें प्रशासन के तरफ से बिष्टुपुर थाना प्रभारी राजेश प्रकाश, टाटा स्टील के तरफ से कोक ओवेंस विभाग के चीफ राजीव मल्होत्रा, सिक्योरिटी हेड केशव सिंह और पंचायत प्रतिनिधि के तरफ से जिला परिषद किशोर यादव, मुखिया प्रतिमा मुंडा, उप मुखिया सुनील गुप्ता, पूर्व मुखिया राजकुमार गौड़, बन्ना गुप्ता फैंस क्लब के अध्यक्ष अनिल सिंह, समाजसेवी बृज तिवारी तथा मृतक के तरफ से मृतक के भाई लक्ष्मी चंद्र पांडेय, सुकेश नवीन उपस्थित थे. त्रिस्तरीय वार्ता में मृतक के उनके बड़े भाई एवं उनके सहयोगियों सहित पंचायत प्रतिनिधियों ने टाटा स्टील के पदाधिकारियों के समक्ष मृतक उमेश कुमार पांडेय द्वारा टाटा स्टील कंपनी में किए गए कार्यों का 27 लाख रुपए का भुगतान, उनके बड़े भाई लक्ष्मीकांत पांडे का दोनों किडनी खराब होने पर टीएमएच में नि:शुल्क इलाज और इस घटना में संलिप्त पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगे रखी गई, जिसमें टाटा स्टील के पदाधिकारियों ने वीपी सीएस चाणक्य चौधरी के पास मांगे रखकर बताने की बात कही. इस बात पर पीड़ित के परिजन संतुष्ट नहीं हुए और शव का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिए.




