
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स की अधीकृत यूनियन टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की वार्षिक आमसभा गुरुवार को हुई. कंपनी के भीतर कम्यूनिकेशन हॉल यानी ओल्ड कैंटीन में आयोजित यह आमसभा शांतिपूर्वक संपन्न हो गयी, जिसमें कई प्रस्ताव पारित किये गये जबकि यूनियन के आय और व्यय का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया गया. करीब 3546 कर्मचारियों ने इसमें हिस्सा लिया. आमसभा की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष गुरमित सिंह तोते ने किया जबकि संचालन प्रकाश विश्वकर्मा ने किया. महामंत्री आरके सिंह ने यूनियन की गतिविधोयं के बारे में जानकारी दी और आय-व्यय का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया. यूनियन की उपलब्धियों को बताते हुए आरके सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दो लाख तक की ऋृण की व्यवस्था व बिल्डिंग लोन दो लाख से बढ़ाकर चार लाख तक यूनियन ने कराया है जबकि सोशल सिक्योरिटी स्कीम व सेवा निधि के माध्यम से 38 लोगों को सहायता पहुंचाया गया, जिसमें मदद की न्यूनतम राशि 30 लाख और अधिकतम राशि 65 लाख रुपये है. लीव बैंक की सुविधा लाया गया जिसके तहत 90 दिन तक की छुट्टी अर्थात तीन महीने के वेतन के बराबर की सहायता लंबे बीमार कर्मियों को मिल रहा है. बीते वर्ष 23 लोगों को इसका लाभ मिल चुका है. आरके सिंह ने बताया कि गरम जैकेट की व्यवस्था कर्मचारियों को कराया गया जबकि तीन साल के भीतर दो गरम जैकेट दिलाया गया. 15 साल पूरे होने पर कलाई घड़ी गिफ्ट के तौर पर कंपनी से दिलाने की नयी व्यवस्था लागू की गयी. टाटा मोटर्स अस्पताल की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया गया और नये चिकित्सकों की बाहली के साथ ही घुटना एवं आंख का ऑपरेशन की व्यवस्था, हाईटेक पैथोलैब, आइसीयू का विस्तारीकरण, तत्काल रेफर करने की सुविधा समेत कई अन्य सुविधाओं को शुरू कराया गया जबकि टेल्को कॉलोनी के सौंदर्यीकरण के लिए 85 करोड़ रुपये की व्यवस्था करायी गयी. अध्यक्ष गुरमित सिंह तोते ने कहा कि मंदी की दौर में भी यूनियन ने 306 को स्थायी कराने में यूनियन सफल रही, जो सबसे बड़ी उपलब्धि है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि कंपनी को इस विपरित परिस्थिति में हरसंभव मदद करना यूनियन की प्राथमिकता है. आपसी एकता से सबकुछ संभव है. कंपनी व मजदूर हित में उनका काम जारी रहेगा. सभा के अंत में धन्यवाद ज्ञापन अनिल शर्मा ने किया.

प्रभाव के इस्तेमाल के बावजूद आमसभा फेल : प्रकाश कुमार
टेल्को वर्कर्स यूनियन के महामंत्री प्रकाश कुामर ने बयान जारी कर बताया कि आमसभा से फिर से एकबार साबित हुआ की प्रबंधन का अगर नियम से हटकर जो समर्थन मिल रहा है, वह बन्द हो जाए तो आरके सिंह और गुरमित सिंह तोते के कमिटी मेंबर भी उनके साथ नही रहेंगे. इतने प्रभाव का इस्तेमाल करने के बावजूद भी पूरी तरह से आमसभा फेल रहा. मजदूरों को उनके आमसभा में कोई दिलचस्पी नही थी. लोगों में यह भ्रम फैलाया गया था की वें अगर आमसभा के रजिस्टर में साइन नही करेंगे तो उनका आज का हजारी नही मिलेगा. इसी चक्कर में लोग केवल साइन करने गए थें, उसमें भी लोगों की उपस्थिति उनके दावे के आधी भी नही थी.

साबित करेंगे औद्योगिक विवाद उठाने का अधिकार- हर्षबद्र्धन
टाटा मोटर्स से बर्खास्त हर्षवर्धन सिंह ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि वे लोग ऑथोरिटी के सामने साबित करेंगे कि कैसे उनका औद्योगिक विवाद अधिनियम में विवाद उठाने का अधिकार है. कैसे उनका विवाद से डाइरेक्ट और सब्स्टेन्शियल इंटेरेस्ट जुड़ा हुआ है? हम मामलें में स्ट्रैंजर नही है। कैसे हमें स्टेचुटरी और जूडिशियल रिमेडि का कानूनी हक प्राप्त है? आप गलत करो और जो इस गलती को करने से रोकने का प्रयास करे, उसको बाहर कर दिजिए और फिर कहिए ये बाहरी है, इसको बोलने का अधिकार नही है, यह तो गलती करने का लाइसेंस देने वाली बात हो गई। यही दलील प्रकाश के मामलें में इन्होने हाई कोर्ट में भी दिया था, पर हाई कोर्ट ने इनकी एक नही सुनी.





