
जमशेदपुर : टाटा स्टील में एमडी ऑनलाइन पहली अप्रैल को हुई. इस दौरान टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचने की सलाह देते हुए बेहतर तरीके से काम करने की सलाह दी. इस दौरान एमडी को सभी सेंटरों से रिपोर्ट समर्पित की गयी. इस दौरान मार्केटिंग एंड सेल्स के पदाधिकारी पियुष गुप्ता ने कहा कि विपरित परिस्थितियां है, लेकिन बीता वित्तीय वर्ष ठीक था. वैसे अभी भी हम लोग लगातार कस्टमर के साथ संबंध बनाये हुए है और डिजिटल माध्यम से सबके साथ जुड़ाव रखा गया है. इस दौरान नैट स्टील और भूषण स्टील के पदाधिकारियों ने जानकारी दी और बताया कि किस तरह कोरोना वायरस के कारण प्रोडक्शन को काफी कम कर दिया गया है. इस दौरान माइंस के जीएम संजय राजौरिया ने बताया कि 25 फीसदी मैनपावर के साथ काम किया जा रहा है ताकि सोशल डिस्टेंशिंग को भी बनाये रखा जाये. इस दौरान यह भी बताया गया कि टाटा वर्कर्स यूनियन के साथ बातचीत की जा रही है और महामारी के मामले को लेकर हम लोग जरूर अलर्ट है, लेकिन प्रोडक्शन या प्लांट चलाना मजबूरी है. ऐसे में काफी सुरक्षित तरीके से काम करने की जरूरत है. उठाये गये जरूरी कदमों की तारीफ भी एमडी ने की और कहा कि विपरित परिस्थितियों में अधिकारी और कर्मचारी जरूर काम कर रहे है, लेकिन जरूरत है कि कोरोना वायरस और संक्रमण से बचकर काम करें और जो गाइडलाइन जारी किया गया है, सोशल डिस्टेंशिंग को मेंटेन करते हुए काम करने की जरूरत है. इस दौरान एमडी ने यह भी कहा कि अगर कर्मचारी चाहे तो वे लोग एक दिन का वेतन दिया जा सकता है. एमडी ने कहा कि इसको लेकर यूनियन के साथ बातचीत कर रास्ता निकाला जायेगा और अगर जरूरत होगा तो एक से ज्यादा दिनों का वेतन भी कर्मचारी दे सकते है, जिसके लिए उनको स्वेच्छा से जानकारी देनी होगी. एमडी ऑनलाइन के दौरान एक ही सवाल पूछा गया, जो एमडी को नागवार लगी. इस दौरान टाटा स्टील के कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) के कमेटी मेंबर अशोक गुप्ता ने कहा कि कंपनी परिसर में एक कमेटी मेंबर की मौत हो गयी थी. अगर उक्त कमेटी मेंबर को समय पर इलाज मिला होता तो निश्चित तौर पर उनकी जान बच जाती. इस पर एमडी ने तत्काल सारे संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की, जिसमें यह पता चला कि वह हार्ट अटैक का मामला था, जिसमें बचने का कोई उपाय ही नहीं मिला और तत्काल सारी सुविधा उपलब्ध करा दी गयी थी. इस पर एमडी टीवी नरेंद्रन ने कमेटी मेंबर अशोक गुप्ता को फटकार लगायी और इस तरह के सार्वजनिक मंच से इस तरह की व्यवस्था पर सवाल उठाना गलत है. इसको लेकर कमेटी मेंबर को कहा गया कि इस तरह का गलत आरोप नहीं लगाये.






