
रांची/जमशेदपुर : देश में नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआइए) टेरर फंडिंग की जांच कर रही है. नक्सलियों और आतंकियों को फंड मुहैया कराने वाले को लेकर कार्रवाई कर रही है और जांच चल रही है. इस जांच का दायरा जम्मू-कश्मीर से लेकर झारखंड तक आ चुका है. एनआइए की ओर से अब तक की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि झारखंड के धनबाद, चतरा के टंडवा इलाके के अलावा जमशेदपुर और कोल्हान के कई कारोबारी भी इस जांच के दायरे में है. जमशेदपुर शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर मुसाबनी के रहने वाले ट्रांस्पोर्टर अजय कुमार सिंह से एनआइए द्वारा पहले भी पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें करीब एक दर्जन लोगों और कंपनियों के नाम सामने आये है, जो लोग आतंकियों और नक्सलियों की फंडिंग करते थे. चतरा के टंडवा के आम्रपाली और मगध कोयला परियोजना से खनन, ट्रांसपोर्टिंग का मामला का भी खुलासा हुआ है. इस मामले में सुदेश केडिया को भी गिरफ्तार किया गया है. टेरर फंडिंग के मामले में अब तक झारखंड में आधुनिक कंपनी के जीएम संजय जैन, ट्रांस्पोर्टर अजय सिंह, सुधांशु रंजन उर्फ छोटू समेत अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दिया गया है. चाईबासा के भी एक बड़े कारोबारी का नाम सामने आया है. हाल ही में टाटा स्टील को अपना कारोबार बेचने वाली कंपनी के लोगों ने भी फंडिंग की है, जिसकी सूची एनआइए के पास है. ऐसे लोगों की सूची की स्क्रुटनी का काम हो चुका है और देश के स्तर के साथ झारखंड में भी ऐसा कारोबारियों पर कार्रवाई की जायेगी और जरूरत पड़ी तो जेल भी जा सकती है जबकि संपत्ति को भी अटैच किया जा सकता है.






